देश की खबरें | सिसोदिया ने उपराज्यपाल से डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति को ‘तत्काल’ मंजूरी देने को आग्रह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष की नियुक्ति को “तत्काल” मंजूरी देने का अनुरोध किया।
नयी दिल्ली, 10 जनवरी दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष की नियुक्ति को “तत्काल” मंजूरी देने का अनुरोध किया।
इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में खींचतान चल रही है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले सप्ताह डीईआरसी के अगले अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजीव श्रीवास्तव की नियुक्ति को मंजरी दी थी।
सरकार ने कहा था कि नियुक्ति की फाइल को उपराज्यपाल के अनुमोदन के लिए भेजा गया है।
सिसोदिया ने उपराज्यपाल को लिखे एक पत्र में कहा कि डीईआरसी अध्यक्ष का पद मंगलवार (आज) को खाली हो गया है और उन्होंने नियुक्ति को “तत्काल” मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
सिसोदिया ने ट्वीट किया, “ माननीय उपराज्यपाल महोदय से डीईआरसी अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को तत्काल मंजूरी देने का आग्रह किया है। पद आज से रिक्त हो गया है। मैंने उनसे फाइल सीधे अधिकारियों को नहीं भेजने का भी आग्रह किया है (जैसा कि उन्होंने पिछले सप्ताह तीन मामलों में किया है) क्योंकि यह संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों के खिलाफ है।”
उपराज्यपाल कार्यालय से सिसोदिया के पत्र पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
सिसोदिया ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में तीन मौके आए जब उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को “दरकिनार” करते हुए फाइलें सीधे अधिकारियों को भेजकर अपने फैसलों को लागू करवाया।
उन्होंने पत्र में कहा कि उपराज्यपाल का “प्रशासक” होने के नाते निर्वाचित सरकार को ''दरकिनार करने का तर्क'' “कानूनी रूप से” असत्य है।
सिसोदिया ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह से बंधे हैं। इसलिए, कृपया अधिसूचना जारी करने के लिए सीधे अधिकारियों को फाइल न भेजें।”
सिसोदिया ने पत्र में कहा कि मौजूदा डीईआरसी अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शबिहुल हसनैन का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया और अभी तक उपराज्यपाल ने अनुशंसित पदाधिकारी की नियुक्ति को मंजूरी नहीं दी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)