देश की खबरें | सिब्बल ने न्यायालय से ईवीएम का आंकड़ा दो- तीन साल तक सुरक्षित रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि वह निर्वाचन आयोग को ईवीएम का आंकड़ा दो से तीन साल तक सुरक्षित रखने और मतगणना से पहले चरणवार मतदान का रिकॉर्ड जारी करने का निर्देश दे ताकि कोई भी सदस्य ‘गैर कानूनी’ तरीके से निर्वाचित न हो।
नयी दिल्ली, 24 मई राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि वह निर्वाचन आयोग को ईवीएम का आंकड़ा दो से तीन साल तक सुरक्षित रखने और मतगणना से पहले चरणवार मतदान का रिकॉर्ड जारी करने का निर्देश दे ताकि कोई भी सदस्य ‘गैर कानूनी’ तरीके से निर्वाचित न हो।
सिब्बल ने यह भी कहा कि अगर निर्वाचन आयोग मतदान केंद्र पर होने वाले मतदान की जानकारी देने वाले फार्म 17सी को अपलोड नहीं करता है तो राज्य निर्वाचन अधिकारी इस आंकड़े को जारी कर सकता है।
यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सिब्बल ने कहा, ‘‘प्रत्येक मशीन में एक संचालन प्रणाली होता है, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में भी एक संचालन प्रणाली है। ईवीएम के इस आंकड़े को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इससे पता चल जाएगा कि मतदान कितने बजे समाप्त हुआ और कितने मत अवैध हुए। यह बताएगा कि कितने बजे मतदान किया गया। यह सबूत है जिसे सुरक्षित रखा जाना चाहिए।’’
सिब्बल ने कहा कि निर्वाचन आयोग आमतौर पर यह आंकड़ा 30 दिन तक सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि यह ‘‘अहम’’ आंकड़ा है जिसे निर्वाचन आयोग द्वारा सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
सिब्बल ने कहा, ‘‘यह उनकी जिम्मेदारी है क्योंकि हम आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने फार्म 17सी अपलोड नहीं किया है, वे नहीं बता रहे हैं कि कितने मत डाले गए हैं। जब मतगणना होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे और तब कुछ नहीं किया जा सकेगा क्योंकि नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे और सरकार बन जाएगी। उन्हें इन आंकड़ा को दो तीन साल तक सुरक्षित रखना चाहिए।’’
वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय से आग्रह किया कि निर्वाचन आयोग को इन आंकड़ों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया जाए और मतगणना से पहले सभी चरणों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए ताकि कोई भी सांसद ‘‘अवैध तरीके’’ से न चुना जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह भी जानने की जरूरत होगी कि मतदान प्रतिशत कैसे बढ़ा और जब संशोधित आंकड़े दिए गए तब यह कैसे बढ़ा।’’
राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य सिब्बल ने कहा कि निर्वाचन आयोग को आंकड़े साझा करने और लोगों को यह बताने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए कि गिनती खत्म होने से पहले वोट कैसे डाले गए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय निर्देश दे।’’
सिब्बल की टिप्पणी निर्वाचन आयोग द्वारा शीर्ष अदालत को यह बताए जाने के दो दिन बाद आई है कि मतदान केंद्र-वार मतदान आंकड़े के ‘अव्यवस्थित खुलासे’ और इसे अपनी वेबसाइट पर साझा करने से पहले से ही चल रहे लोकसभा चुनाव के लिए काम कर रही चुनाव मशीनरी में अव्यवस्था पैदा हो जाएगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)