देश की खबरें | शिवकुमार ने सीबीआई को मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए भाजपा सरकार पर निशाना साधा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और इसे (भाजपा को) ‘प्रतिशोधात्मक’ बताया।
बेगलुरु, 21 अप्रैल कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और इसे (भाजपा को) ‘प्रतिशोधात्मक’ बताया।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंजूरी को चुनौती देने वाली शिवकुमार की याचिका को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया।
शिवकुमार ने दावा किया कि सरकार ने मंजूरी देने से पहले विधानसभा अध्यक्ष की सहमति नहीं ली और न ही महाधिवक्ता की कथित टिप्पणी पर ध्यान दिया कि उनका मामला सीबीआई जांच के लिए उपयुक्त नहीं है।
शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, “प्रतिशोधी भाजपा सरकार ने सीबीआई जांच की अनुमति दी है।” पूर्व मंत्री ने कहा, “अध्यक्ष की सहमति होनी चाहिए थी, जो उन्होंने नहीं ली। यहां तक कि महाधिवक्ता ने भी कहा है कि यह सीबीआई के लिए उपयुक्त मामला नहीं है।”
महाधिवक्ता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि लोकायुक्त या भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो मामले की जांच कर सकता था। उन्होंने कहा, “लेकिन मुझे प्रताड़ित करने के लिए, सरकार ने इसकी सिफारिश सीबीआई से की है। इसलिए मैंने अदालत से अपील की है।”
उच्च न्यायालय द्वारा अपनी याचिका खारिज करने के बाद शिवकुमार ने कहा कि वह शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह ‘दबाव की रणनीति’ है, तो शिवकुमार ने कहा यह ‘जाहिर’ है। शिवकुमार 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
केंद्रीय एजेंसी के एक अनुरोध के बाद, राज्य सरकार ने 25 सितंबर, 2019 को मंजूरी दी थी और उस आधार पर एजेंसी ने तीन अक्टूबर, 2020 को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
आयकर विभाग ने 2017 में शिवकुमार के कार्यालयों और आवास में तलाशी अभियान चलाया था। इसके आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवकुमार के खिलाफ अपनी जांच शुरू की थी। ईडी की जांच के बाद सीबीआई ने राज्य सरकार से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए मंजूरी मांगी थी।
शिवकुमार ने सरकार द्वारा दी गई मंजूरी को इस आधार पर चुनौती दी थी कि यह राजनीति से प्रेरित प्राथमिकी है और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति को लेकर उनके खिलाफ तीन प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2023 05:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

