देश की खबरें | शिवसेना नेता ने दी ‘अजान’ प्रतियोगिता आयोजित करने की सलाह, भाजपा ने आलोचना की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना के एक नेता द्वारा ‘अजान’ की तुलना ‘आरती’ से करने और मुस्लिम बच्चों के लिए ‘अजान’ देने की प्रतियोगिता के आयोजन की सलाह पर एक नया विवाद पैदा हो गया है।
मुंबई, 30 नवंबर शिवसेना के एक नेता द्वारा ‘अजान’ की तुलना ‘आरती’ से करने और मुस्लिम बच्चों के लिए ‘अजान’ देने की प्रतियोगिता के आयोजन की सलाह पर एक नया विवाद पैदा हो गया है।
भाजपा ने सोमवार को उद्धव ठाकरे नीत पार्टी पर सत्ता में बने रहने के लिए अपना रुख बदलने का आरोप लगाया।
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महाराष्ट्र में महा विकास अघाडी सरकार में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस शामिल हैं।
शिवसेना के नेता पांडुरंग सकपल ने एक उर्दू समाचार वेबसाइट को दिए एक साक्षात्कार के दौरान यह टिप्पणी की।
सकपल को इस साक्षात्कार में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह दक्षिणी मुंबई में एक मुस्लिम कब्रिस्तान के निकट रहते हैं और उन्हें ‘अजान’ सुनना अच्छा लगता है।
सकपल ने इस वेबसाइट से कहा, ‘‘ भगवदगीता गायन की प्रतियोगिता होती है। मैंने अपने सहकर्मी शकील अहमद से बच्चों के लिए ‘अजान’ प्रतियोगिता का आयोजन करने के लिए कहा है। मैं महसूस करता हूं कि यह ‘आरती’ की तरह है। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं थे और मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सभी समुदायों को साथ लेकर चलते हैं।’’
इस बारे में जब सकपल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने पूछा कि कोई हर टिप्पणी को धर्म के चश्मे से कैसे देख सकता है।
भाजपा के विधान पार्षद और विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण डारेकर ने कहा कि सकपल की टिप्पणी इस बात को बखूबी बयां करती है कि पार्टी सत्ता में रहने के लिए अपना रुख बदल सकती है। भाजपा विधायक अतुल भटकाल्कर ने कहा कि शिवसेना पूर्व में हमेशा सड़क पर ‘नमाज’ अदा करने के खिलाफ रही है।
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