देश की खबरें | शाह ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआडीओ को सराहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सराहना की और कहा कि कई विशिष्टताओं से लैस यह हथियार भारत की रक्षा क्षमता की गवाही देता है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 30 सितंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सराहना की और कहा कि कई विशिष्टताओं से लैस यह हथियार भारत की रक्षा क्षमता की गवाही देता है।

भारत ने ओडिशा स्थित एक प्रक्षेपण स्थल से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया। कई स्वदेशी विशिष्टताओं से लैस इस मिसाइल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

यह भी पढ़े | Coronavirus Updates in Bihar: बिहार में कोरोना संक्रमित अब संख्या 1.82 लाख, अब तक 904 मौतें.

शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण पर भारत को डीआरडीओ पर बहुत गर्व है। यह अत्याधुनिक मिसाइल भारत की रक्षा क्षमता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का गवाह है।’’

स्वदेशी बूस्टर और ‘एअरफ्रेम’ के साथ भारत में निर्मित अन्य उप-प्रणालियों जैसी विशिष्टताओं से लैस सतह से सतह पर मार करने वाली यह क्रूज मिसाइल बालासोर के पास चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के परिसर तीन से दागी गई।

यह भी पढ़े | Hathras Gangrape Case: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, केस की जांच CBI या SIT से कराने की मांग.

डीआरडीओ के अधिकारियों ने आज सुबह साढ़े दस बजे किए गए इस परीक्षण को ‘‘सफल’’ करार देते हुए कहा कि मिसाइल के प्रक्षेपण के दौरान सभी मानक प्राप्त कर लिए गए जिसकी मारक क्षमता 400 किलोमीटर से अधिक की है।

‘ब्रह्मोस लैंड अटैक क्रूज मिसाइल’ (एलएसीएम) 2.8 मैक की शीर्ष गति से रवाना हुई। अत्याधुनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण स्वदेशी उपकरण क्षमता को मजबूत करने में एक और बड़ा कदम है।

मिसाइल के पहले विस्तारित संस्करण का सफल परीक्षण 11 मार्च 2017 को किया गया था, जिसकी मारक क्षमता 450 किलोमीटर थी।

तीस सितंबर 2019 को चांदीपुर स्थित आईटीआर से कम दूरी की मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल के जमीनी संस्करण का सफल परीक्षण किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\