जरुरी जानकारी | सेबी ने निवेशकों से शिकायतें प्राप्त करने, उनका रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसी के लिए मांगे आवेदन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों से शिकायतें प्राप्त करने, उन्हें छांटने, सबंधित विभाग अथवा कंपनी को भेजने और उनका उपयुक्त ढंग से रिकॉर्ड रखने के लिए एक एजेंसी नियुक्त करने की योजना बनाई है। सेबी ने इसके लिए एजेंसियों से पांच अक्टूबर तक आवदेन आमंत्रित किए हैं।
नयी दिल्ली, 17 सितंबर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों से शिकायतें प्राप्त करने, उन्हें छांटने, सबंधित विभाग अथवा कंपनी को भेजने और उनका उपयुक्त ढंग से रिकॉर्ड रखने के लिए एक एजेंसी नियुक्त करने की योजना बनाई है। सेबी ने इसके लिए एजेंसियों से पांच अक्टूबर तक आवदेन आमंत्रित किए हैं।
सेबी ने नोटिस जारी कर कहा कि इस एजेंसी को निवेशकों से इलेक्ट्रॉनिक या कागज में लिखी शिकायतें स्वीकार करके उन्हें श्रणियों में बांटकर उचित विभाग में भेजने के साथ ही उसे शिकायतों के निपटारे पर ऑनलाइन नजर भी रखनी होगी और बार-बार उनका जायजा लेना होगा।
इसके अलावा सेबी के ऑनलाइन शिकायत मंच ‘स्कोर्स’ पर शिकायतों की स्थिति की नवीनतम जानकारी और शिकायत पर उठाए गए कदमों की अद्यतन कार्रवाई रपट भी बनानी होगी।
सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों और मध्यस्थों के खिलाफ शिकायतें करने के लिए निवेशकों के लिए ‘स्कोर्स’ मंच विकसित किया है। यह निवेशकों की शिकायतों का पंजीकरण और उनकी स्थिति रपट बताने वाली एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रणाली है।
सेबी ने एक नोटिस जारी कर तय प्रारूप पर एजेंसियों से इस प्रणाली के रखरखाव इत्यादि के लिए पांच अक्टूबर तक आवेदन मांगे हैं।
एजेंसी को शिकायतें संबद्ध कंपनियों या मध्यस्थों के पास भेजकर निवेशक को इसकी सूचना भी देनी होगी। आवेदन करने वाली एजेंसी के पास इस तरह के काम की विशेषज्ञता होनी चाहिए। साथ ही ठेकेदार का पिछले तीन साल में वार्षिक औसत टर्नओवर 55 लाख रुपये न्यूनतम होना चाहिए। इसके अलावा मार्च 2020 से पहले के पांच वर्ष में उसे लगातार दो वर्ष घाटा नहीं होना चाहिए।
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