जरुरी जानकारी | सेबी ने हिरेन आर्गोकेम, वरिष्ठ अधिकारी, दो अन्य पर 61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

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नयी दिल्ली, 17 जुलाई बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को हिरेन आर्गोकेम लि., उसके वरिष्ठ अधिकारियों और दो अन्य पर 61.4 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (जीडीआर) के जारी करने में गड़बड़ी को लेकर यह जुर्माना लगाया गया है।

धोखाधड़ी और व्यापार में अनुचित तरीके अपनाने तथा बाजार के नियम तोड़ने को लेकर कंपनी पर 10.25 करोड़ रुपये, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कांतिलाल हिरेन पर एक करोड़ रुपये, अरूण पंचारिया पर 50 करोड़ रुपये और मुकेश चारूदिया पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अप्रैल 2010 और मई 2010 के बीच जांच में पाया कि कंपनी ने 20 मई को एक करोड़ डॉलर का जीडीआर जारी किया था।

यह पाया गया कि निर्गम को केवल एक इकाई विंटेज एफजेडई ने खरीदा। अब इसका नाम अल्टा विस्ता इंटरनेशनल एफजेडई है।

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निर्गम को विंटेज ने यूरोपीय अमेरिकन इनवेस्टमेंट बैंक एजी से कर्ज लेकर लिया। इस कर्ज के लिये हिरेन आर्गोकेम ने जीडीआर राशि गिरवी रखकर गारंटी प्रदान की।

इसके अलावा जीडीआर के तहत 50 प्रतिशत शेयर बिना समुचित राशि के जारी किये गये।

कंपनी न केवल जरूरी घोषणा शेयर बाजारों के समक्ष करने में विफल रही बल्कि लेखा मनकों का अनुकरण करन में भी नाकाम रही।

सेबी ने कहा कि जीडीआर निर्गम की पूरी प्रक्रिया यानी उसके अभिदान से लेकर परिवर्तित शेयर को भारतीय निवेशकों को बेचने के बारे में रणनीति पंचारिया ने बनायी।

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