जरुरी जानकारी | एसईए का अरंडी बीज उत्पादन 21 प्रतिशत घटकर 15.6 लाख टन रहने का अनुमान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने मंगलवार को कहा कि मौसम संबंधी परेशानियों के कारण फसल वर्ष 2024-25 (जुलाई-जून) में देश का अरंडी बीज उत्पादन 21 प्रतिशत घटकर 15.6 लाख टन रहने का अनुमान है।

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने मंगलवार को कहा कि मौसम संबंधी परेशानियों के कारण फसल वर्ष 2024-25 (जुलाई-जून) में देश का अरंडी बीज उत्पादन 21 प्रतिशत घटकर 15.6 लाख टन रहने का अनुमान है।

एसईए ने इसी अवधि के लिए अरंडी बीज उत्पादन के पहले अनुमान 18.2 लाख टन को घटाकर संशोधित किया है।

एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्पादन में गिरावट के लिए योगदान देने वाले प्राथमिक कारकों में कम खेती का रकबा, प्रतिकूल मौसम और कम पैदावार शामिल हैं।’’

फरवरी से बढ़ते तापमान ने खासकर गुजरात और राजस्थान के प्रमुख उत्पादक जिलों में देर से और दोबारा बोई गई फसलों की पैदावार को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

अरंडी की खेती का रकबा वर्ष 2023-24 के 9.88 लाख हेक्टेयर की तुलना में 12 प्रतिशत घटकर 8.68 लाख हेक्टेयर रह गया है।

अग्रणी अरंडी उत्पादक राज्य गुजरात में उत्पादन वर्ष 2024-25 में घटकर 12.26 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष वास्तविक उत्पादन 15.74 लाख टन था।

राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी वर्ष 2024-25 में उत्पादन कम रहने का अनुमान है।

एसईए ने कहा कि अंतिम अनुमान मई 2025 में निर्धारित सर्वेक्षण के चौथे दौर के बाद अद्यतन किए जाएंगे।

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