विदेश की खबरें | सऊदी अरब ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा नेता की विवादित टिप्पणियों की निंदा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कतर, ईरान और कुवैत के बाद अब सऊदी अरब ने भी पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक नेता की विवादित टिप्पणियों की सोमवार को आलोचना की और सभी से ‘‘आस्थाओं एवं धर्मों का सम्मान’’ किए जाने का आह्वान किया।
दुबई, छह जून कतर, ईरान और कुवैत के बाद अब सऊदी अरब ने भी पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक नेता की विवादित टिप्पणियों की सोमवार को आलोचना की और सभी से ‘‘आस्थाओं एवं धर्मों का सम्मान’’ किए जाने का आह्वान किया।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके भाजपा प्रवक्ता की टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि इनसे पैगंबर मोहम्मद का अपमान हुआ है।
इस बीच, नयी दिल्ली में भाजपा ने पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए विवादित बयानों के लिए अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को रविवार को पार्टी से निलंबित कर दिया। वहीं, दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को पार्टी नेतृत्व ने भाजपा से निष्कासित करने का फैसला लिया।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ‘‘इस्लाम धर्म के प्रतीकों के खिलाफ पूर्वाग्रहों के प्रति अपनी अस्वीकृति’’ को दोहराया। उसने ‘‘सभी पूजनीय लोगों एवं चिह्नों’’ के खिलाफ पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने वाली हर चीज को खारिज किया।
अपनी प्रवक्ता को निलंबित करने के भाजपा के कदम का स्वागत करते हुए मंत्रालय ने ‘‘आस्थाओं एवं धर्मों के लिए सम्मान के आह्वान के सऊदी अरब के रुख’’ को दोहराया।
इससे पहले, कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा नेता की विवादित टिप्पणियों को लेकर रविवार को भारतीय राजदूतों को तलब किया था। खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
कतर और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘राजदूत ने बताया कि वे ट्वीट किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते। ये संकीर्ण सोच वाले तत्वों के विचार हैं।’’
टिप्पणियों को लेकर मुस्लिम समुदाय के विरोध के बीच भाजपा ने एक तरह से दोनों नेताओं के बयानों से किनारा करते हुए कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है और उसे किसी भी धर्म के पूजनीय लोगों का अपमान स्वीकार्य नहीं है।
इन विवादित टिप्पणियों के कारण अरब देशों में ट्विटर पर भारतीय उत्पादों के बहिष्कार के लिए एक अभियान भी चलाया गया।
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