जरुरी जानकारी | सैट ने मामलों से जुड़े दस्तावेजों को छह जुलाई से जमा कराने की अनुमति दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने मामलों से जुड़े दस्तावेजों को छह जुलाई से भौतिक रूप में जमा कराने की अनुमति दे दी है। हालांकि, कोरोना वायरस की वजह से मुंबई के प्रभावित इलाकों में लॉकडाउन बढ़ने के चलते सैट में न्यायिक कामकाज 17 जुलाई तक निलंबित रहेगा।
नयी दिल्ली, तीन जुलाई प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने मामलों से जुड़े दस्तावेजों को छह जुलाई से भौतिक रूप में जमा कराने की अनुमति दे दी है। हालांकि, कोरोना वायरस की वजह से मुंबई के प्रभावित इलाकों में लॉकडाउन बढ़ने के चलते सैट में न्यायिक कामकाज 17 जुलाई तक निलंबित रहेगा।
इससे पहले न्यायाधिकरण का न्यायिक कामकाज 30 जून तक बंद रहने की घोषणा की गई थी।
सैट ने शुक्रवार को एक अधिसूचना में कहा कि कोविड-19 संकट के चलते मामलों को दस्तावेजी रूप में जमा कराने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से शुरू किया गया है। यह सुविधा अगले आदेश तक जारी रहेगी।
न्यायाधिकरण ने कहा कि मामलों के दस्तावेजी रूप में जमा कराने की सुविधा सैट द्वारा पहले घोषित मानक परिचालन नियमों के तहत दी गयी वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा के अतिरिक्त है। तुरंत सुनवाई वाले मामलों के लिये इलेक्ट्रानिक फाइलिंग की सुविधा दी गई थी ताकि उन पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई की जा सके।
दस्तावेज जमा कराने का काम पहले से समय लेने के आधार पर कराया जा सकेगा। यह काम सवेरे 11 बजे से दोपहर दो बजे तक होगा। रजिस्ट्रार के कार्यालय को ई-मेल करके इसके लिए पहले से समय लिया जा सकता है। व्यक्ति को समय आंवटित करने की सूचना एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। यदि व्यक्ति उक्त समय पर उपस्थिति नहीं होता है तो उसे दोबारा से इसके लिए आवेदन करना होगा।
इससे पहले सैट ने दिन में सूचित किया था कि महाराष्ट्र सरकार ने 29 जून को लॉकडाउन बढ़ाने का आदेश जारी किया है। मुंबई के कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्रों में लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है। इसी के मद्देनजर सैट के सभी न्यायिक कामकाज को 17 जुलाई तक निलंबित रखने का फैसला किया गया है।
इसके अलावा 20 जुलाई से न्यायाधिकरण सुबह 11:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक काम करेगा। 20 से 24 जुलाई तक कुछ ‘अत्यावश्यक’ मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा रजिस्ट्री का कार्यालय भी सुबह 11 से 3:30 बजे तक खुला रहेगा। इसमें सीमित कर्मचारियों के साथ प्रशासनिक कामकाज किया जाएगा।
सैट ने कहा कि कुछ अत्यंत आवश्यक मामलों में संबंधित पक्ष न्यायाधिकरण द्वारा पहले तय की गई मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के जरिये अपना मामला दायर कर सकते हैं। इसके अलावा जिन मामलों की सुनवाई एक से तीन जुलाई तक होनी थी, उन्हें क्रमश: 19, 20 और 24 अगस्त तक टाल दिया गया है।
इसी तरह छह से 10 जुलाई की सुनवाई वाले मामलों को 25, 26, 27 और 31 अगस्त तक टाल दिया गया है। जिन मामलों की सुनवाई 13 से 17 जुलाई तक होनी थी, उन्हें अब 2, 3, 7 और 8 सितंबर को सुना जाएगा।
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