देश की खबरें | खेलों में नस्लवाद के खिलाफ नियम केवल घाव पर प्लास्टर लगाने जैसे : होल्डिंग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग का मानना है कि जब तक समाज नस्लवाद के खिलाफ एकजुट नहीं होता तब तक खेलों में इसके खिलाफ नियम ‘घाव पर महज प्लास्टर लगाने जैसे’ रहेंगे।
नयी दिल्ली, आठ जून वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग का मानना है कि जब तक समाज नस्लवाद के खिलाफ एकजुट नहीं होता तब तक खेलों में इसके खिलाफ नियम ‘घाव पर महज प्लास्टर लगाने जैसे’ रहेंगे।
अफ्रीकी मूल के अमेरिकी जार्ज फ्लॉयड की मौत के बाद विश्व भर में नस्लवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर प्रतिक्रिया करते हुए होल्डिंग ने कहा कि केवल कड़े नियमों से ही खेलों में नस्लवाद को नहीं रोका जा सकता है।
वेस्टइंडीज की तरफ से 1975 से 1987 के बीच 60 टेस्ट मैचों में 249 विकेट लेने वाले होल्डिंग ने रविवार को इंस्टाग्राम पर एक चैट कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘आपको लगभग हर जगह नस्लवाद देखने को मिलेगा, लोग क्रिकेट के मैदान, फुटबॉल के मैदान में इसका इस्तेमाल करेंगे। आप सिर्फ खेलों के जरिये नस्लवाद खत्म नहीं कर सकते, आपको इसे समाज से खत्म करना होगा। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘समाज के लोग ही मैदान में जाकर लोगों के लिये नस्ली टिप्पणियां करते हैं। आपको खेलों में नहीं समाज में जाकर इससे निबटना होगा। ’’
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होल्डिंग ने कहा कि समाज को यह समझना होगा कि भेदभाव करना अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा, ‘‘खेलों में नियम और कायदे कानून हो सकते हैं जिनके तहत आपको मैदान पर खेलना है लेकिन यह केवल घाव पर प्लास्टर लगाने जैसा है।’’
होल्डिंग ने कहा, ‘‘समाज में लोगों को समझना होगा कि यह अस्वीकार्य है और जब आप समाज के अंदर ही इससे पार पा लेंगे तो यह खेलों में भी नहीं रहेगा। ’’
वेस्टइंडीज के डेरेन सैमी और क्रिस गेल ने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठायी है। सैमी ने आरोप लगाया कि इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए उनके लिये नस्ली टिप्पणी की गयी थी।
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