ताजा खबरें | 2021-22 में पेट्रोलियम क्षेत्र से सरकारी खजाने को मिले 7,74,425 करोड़ रुपये
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोष में पेट्रोलियम क्षेत्र का योगदान 7,74,425 करोड़ रुपये रहा जो 2020-21 में 6,72,719 करोड़ रुपये था।
नयी दिल्ली, छह फरवरी वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोष में पेट्रोलियम क्षेत्र का योगदान 7,74,425 करोड़ रुपये रहा जो 2020-21 में 6,72,719 करोड़ रुपये था।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने सोमवार को एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोष में पेट्रोलियम क्षेत्र का योगदान 7,74,425 करोड़ रुपये था और इनमें 4,92,303 करोड़ रूपये केंद्र के राजकोष को मिले जबकि 2,82,122 करोड़ रुपये राज्यों के राजकोष को मिले।
उन्होंने बताया कि 2020-21 में राजकोष में पेट्रोलियम क्षेत्र का योगदान 6,72,719 करोड़ रुपये था जिनमें 4,55,069 करोड़ रुपये केंद्रीय कोषागार को मिले जबकि 2,17,650 करोड़ रुपये राज्यों के राजकोष को मिले।
मंत्री ने बताया कि 2019-20 में पेट्रोलियम क्षेत्र से राजकोष को कुल 5,55,371 करोड़ रुपये मिले।
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां (ओएमसी) पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य निर्धारण के संबंध में उपयुक्त निर्णय लेती हैं तथा देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में संबंधित उत्पादों के मूल्य से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ओएमजी ने छह अप्रैल 2022 से पेट्रोल एवं डीजल के मूल्यों को नहीं बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की ब्रिकी पर तेल विपणन कंपनियों को काफी घाटा हुआ है और इसकी भरपाई के लिए सरकार ने हाल ही में ऐसी कंपनियों के लिए 22,000 करोड़ रुपये का एकबारगी मुआवजा अनुमोदित किया है।
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