रायपुर, 26 जनवरी छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा है कि युवाओं, दूरस्थ और दुर्गम अंचलों के निवासियों के मन में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है, उसका लाभ नक्सलवाद का प्रसार रोकने में भी मिल रहा है।
राज्यपाल उइके ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में गणतंत्र दिवस के अवसर आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
राज्यपाल ने इस दौरान अपने संदेश में राज्य के निवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं, दूरस्थ तथा दुर्गम अंचलों के निवासियों के मन में सरकार के प्रति जो विश्वास मजबूत हो रहा है, उसका लाभ नक्सलवाद का प्रसार रोकने में भी मिल रहा है।’’
उइके ने कहा कि कोरोना काल में राज्य के पुलिस बल के द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना चारों ओर हुई है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2020 देश और दुनिया के सामने कोरोना की अभूतपूर्व आपदा और चुनौतियों का था। उन्होंने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ प्रदेश ने जिस तरह धैर्य, सावधानी, समझदारी, साहस और एकता से इस चुनौती का सामना किया गया, वह अत्यंत सराहनीय है। चिकित्सकों, स्वास्थ्य-कर्मियों, समाजसेवी संगठनों ने जो समर्पित व निष्काम सेवाएं दी हैं, वह मानवता के इतिहास में दर्ज होंगी। मैं उन महान वैज्ञानिकों को भी सादर नमन करती हूं जिन्होंने कोरोना के टीके का आविष्कार किया, टीके के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कोरोना महामारी से निजात दिलाने का रास्ता बनाया।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को ब्याज मुक्त कृषि ऋण देने के मामले में इस वर्ष नया कीर्तिमान बना है, जिसके अनुसार राज्य में पहली बार लगभग 4 हजार 700 करोड़ रूपए की राशि करीब 12 लाख 66 हजार किसानों को दी गई। बेमौसम बरसात, ओला वृष्टि जैसी आपदाओं से हुई क्षति की भरपाई के लिए लगभग 6 लाख किसानों को 411 करोड़ रूपए की सहायता दी गई।
उइके ने कहा कि राज्य की प्रमुख फसल धान के समर्थन मूल्य पर खरीद सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता तो है ही, इसी के अनुरूप सर्वाधिक धान की खरीदी के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं।
राज्यपाल ने कहा कि देश में सर्वाधिक लघु वनोपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर रहा है। कांडागांव में मक्का प्रसंस्करण इकाई, धान से एथेनाल बनाने की चार इकाइयों और विकासखण्डों में 100 से अधिक फूडपार्कों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू होने से नई उम्मीद जागी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में रोजगार प्रदान करने में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का बड़ा योगदान रहा है।
उइके ने कहा कि कोरोना के कारण शिक्षा सत्र में आई बाधा से बच्चों के सीखने और पढ़ने की ललक कम न हो और उनकी रूचि लगातार बनी रहे, इसलिए राज्य सरकार ने अनेक वैकल्पिक उपाय किए हैं। राज्य में प्रचलित स्थानीय बोली-ओं में पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित करते हुए उन्हें बच्चों तक पहुंचाने के उपाय को देश में अपनी तरह के प्रथम प्रयास के तौर पर मान्यता मिली।
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