जरुरी जानकारी | ईईपीसी का इंजीनियरिंग निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार से लातिन अमेरिकी, अफ्रीकी देशों से एफटीए का आग्रह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) ने इंजीनियरिंग निर्यात बढ़ाने के लिए रणनीति पत्र जारी कर सरकार से लातिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों से नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) करने का आग्रह किया है।

कोलकाता, छह जुलाई भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) ने इंजीनियरिंग निर्यात बढ़ाने के लिए रणनीति पत्र जारी कर सरकार से लातिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों से नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) करने का आग्रह किया है।

ईईपीसी ने बयान में कहा कि पत्र में बाजार की पहुंच बढ़ाने और आर्थिक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम कम करने की जरूरत बतायी गयी है।

इस समय भारत का लगभग 87 प्रतिशत इंजीनियरिंग निर्यात लगभग 40 देशों में होता है।

ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन अरुण कुमार गरोडिया ने कहा, “भारत के लिए नए बाजार तलाशना काफी महत्वपूर्ण है, खासकर लातिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों में। हमारे कई प्रतिस्पर्धियों ने पहले ही इन देशों के साथ एफटीए कर लिए हैं, जिससे वे हम पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त ले रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इन देशों के साथ एफटीए करने से मामला बराबरी पर आ सकता है, उचित बाजार पहुंच सुनिश्चित कर सकता है और हमारे निर्यात का विस्तार कर सकता है।”

रणनीति पत्र में भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात पर वैश्विक आर्थिक रुझानों के प्रभाव का भी जिक्र किया गया है।

ईईपीसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी आने की आशंका है। ऐसे में भारत को मौजूदा बाजार आधार बढ़ाने और इंजीनियरिंग निर्यात में संभावित नरमी को कम करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ एफटीए कर वहां अपनी उपस्थिति और मजबूत करनी होगी।

देश की अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग क्षेत्र की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।

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