देश की खबरें | टिड्डी दल के हमले से निपटने को केंद्र की आकस्मिक योजना लागू करने का अनुरोध
जियो

नयी दिल्ली, 29 मई दिल्ली और पड़ोसी राज्यों पर टिड्डी दल के हमले के खतरों के बीच राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में एक अर्जी दायर की गई है जिसमें इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की आपात योजना लागू करने का अनुरोध किया गया है।

एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से दायर इस अर्जी में कहा गया है कि आपात योजना के बावजूद राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्य फरवरी से ही टिड्डियों के हमले का सामना कर रहे हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में स्थिति बदतर हो रही है।

यह भी पढ़े | पश्चिम बंगाल में 1 जून से खुलेंगे सभी पूजा स्थल, 10 से अधिक लोगों के जमा होने पर रहेगी पाबंदी.

गुजरात और महाराष्ट्र लाखों टिड्डियों से प्रभावित हुए हैं जो उस खेत की फसलों को चट कर जाती हैं जिस पर वे हमला करती है। इससे फसल को भारी नुकसान होता है।

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी पर टिड्डियों के हमले के खतरों के मद्देनजर एहतियाती उपायों को लेकर मंगलवार को एक परामर्श जारी किया। इसमें दिल्ली सरकार ने प्राधिकारियों से किसानों के बीच जागरुकता उत्पन्न करने, कीटनाशक के छिड़काव और टिड्डियों को रात में नहीं बैठने देने को कहा गया।

यह भी पढ़े | देश की खबरें | अमित शाह ने मोदी से की मुलाकात, लॉकडाउन को लेकर मुख्यमंत्रियों के विचारों से अवगत कराया.

अर्जी में कहा गया है, ‘‘सबसे ज्यादा प्रभावित उक्त क्षेत्र के किसान हैं, इसलिए अर्जीकर्ता एनजीओ इस अधिकरण का तत्काल हस्तक्षेप चाहता है। साथ ही भारत सरकार कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्‍याण विभाग वनस्‍पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय द्वारा तैयार की गई योजना के कार्यान्वयन पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दिशानिर्देश चाहता है।’’

‘सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ एंड एन्वायर्नमेंट लिटिगेशन फाउंडेशन’ द्वारा दायर अर्जी में कहा गया है कि आपात योजना टिड्डी दल के हमले के दौरान टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों, राज्य सरकारों और अन्य हित धारकों के लिए दिशानिर्देश दस्तावेज का काम करती है।

एनजीओ ने समितियां गठित करने की मांग की जो अपने अपने क्षेत्रों में टिड्डी हमले को नियंत्रित करें।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)