विदेश की खबरें | पंजाब के मुख्यमंत्री की नियुक्ति को लेकर मतभेद के बाद जनरल बाजवा से संबंध बिगड़े: इमरान
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इस्लामाबाद, 10 नवंबर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री की नियुक्ति को लेकर मतभेद के बाद सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ उनके संबंध खराब हुए थे। बृहस्पतिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए खान (70) पर पिछले हफ्ते घातक हमला किया गया था जिसमें वह घायल हो गए थे और अब वह स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
खान ने मंगलवार को अपना मार्च फिर शुरू करने की घोषणा की थी लेकिन बाद में उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने फैसला बदल दिया और बृहस्पतिवार को रैली पुन: शुरु करने की घोषणा की थी।
खान ने ‘डॉन’ समाचारपत्र को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मेरा हमेशा मानना था कि सेना इतनी शक्तिशाली और संगठित है, जब मैं देश में कानून का शासन लाने की कोशिश करूंगा, तो वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि उनके और पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना के संबंध कब खराब होने लगे, खान ने कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, उन्हें दोषी ठहराने में उनकी सरकार की विफलता इसका पहला संकेत था।
उन्होंने कहा कि दूसरा संकेत पंजाब के मुख्यमंत्री को लेकर था।
खान ने कहा, “सेना प्रमुख मुझसे चाहते थे कि अलीम खान (पंजाब के मुख्यमंत्री) हों लेकिन मैं नहीं चाहता था। क्योंकि उनके खिलाफ न केवल राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) में मामले थे, बल्कि उन्होंने सरकार की लाखों रुपये की जमीन पर कब्जा कर लिया था और बेच भी दिया था।’’
यह सवाल किए जाने पर कि अगर उन पर गलत काम करने का संदेह था तो उन्होंने अलीम खान को अपनी पार्टी में क्यों शामिल किया, खान ने कहा, ‘‘हमने हमेशा सोचा कि वे सिर्फ आरोप थे और उन्होंने अपना बचाव किया। लेकिन जब मैंने लाहौर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से (अलीम के बारे में) पूछा, तो उन्होंने मुझे एक नक्शे पर दिखाया कि किस प्रकार उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। यह मेरे कार्यकाल के दूसरे वर्ष के अंत के आसपास की बात है।’’
खान की स्पष्ट राय थी कि जब तक जनरल बाजवा ने उन्हें अलीम खान को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं कहा था, उस समय तक चीजें ठीक थीं।
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