देश की खबरें | अवांछनीय वाणिज्यिक संचार को रोकने के लिए नियमन का कड़ाई से पालन कराया जाए: अदालत ने ट्राई से कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को निर्देश दिया कि वह अवांछनीय वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) को रोकने के लिए 2018 में जारी किए गए नियमन का ‘‘पूर्ण रूप से और कड़ाई से’’ पालन कराए।
नयी दिल्ली, तीन फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को निर्देश दिया कि वह अवांछनीय वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) को रोकने के लिए 2018 में जारी किए गए नियमन का ‘‘पूर्ण रूप से और कड़ाई से’’ पालन कराए।
अदालत ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसे दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को भी निर्देश दिया कि वह ट्राई द्वारा 2018 में जारी किए गए दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियमन (टीसीसीसीपीआर) का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें।
इन निर्देशों के साथ मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने वन97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दूरसंचार ऑपरेटर विभिन्न मोबाइल नेटवर्क पर ‘फिशिंग’ गतिविधियों को नहीं रोक रहे हैं।
वन97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड, डिजिटल भुगतान सेवा पेटीएम को चलाने वाली कंपनी है।
‘फिशिंग’ एक साइबर अपराध है जिसके द्वारा लोगों को झांसा देकर उनके बैंक और क्रेडिट कार्ड का विवरण हासिल कर लिया जाता है।
वन97 कम्यूनिकेशन की ओर से पेश हुए वकील दुष्यंत दवे ने अदालत को बताया कि ट्राई और टीएसपी को टीसीसीसीपी नियमन लागू करने का निर्देश देकर मामला खत्म किया जा सकता है जिसके बाद पीठ ने फैसला सुनाया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)