कोविड-19 के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि, सरकार ने कहा: महामारी का प्रकोप नियंत्रण में

सरकारी अधिकारियों ने महामारी के ‘‘नियंत्रण में होने’’ का श्रेय लॉकडाउन और मजबूत निगरानी नेटवर्क तथा विभिन्न नियंत्रण कदमों को दिया।

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नयी दिल्ली, 24 अप्रैल देश में कोरोना वायरस के मामलों में शुक्रवार को 1,750 से अधिक की वृद्धि हुई जो भारत में अब तक एक दिन में सामने आए सर्वाधिक मामले हैं। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामलों की संख्या लगभग 23,500 हो गई। वहीं, सरकार ने कहा कि महामारी का प्रकोप नियंत्रण में है और यदि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू न किया जाता तो संक्रमण के मामलों की संख्या अब तक एक लाख तक पहुंच चुकी होती।

सरकारी अधिकारियों ने महामारी के ‘‘नियंत्रण में होने’’ का श्रेय लॉकडाउन और मजबूत निगरानी नेटवर्क तथा विभिन्न नियंत्रण कदमों को दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को राष्ट्र के नाम संबोधन में लॉकडाउन की घोषणा की थी।

मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की महामारी ने देश को ‘‘आत्म-निर्भर होने और आत्म-सक्षम’’ होने तथा समाधान के लिए विदेशों की ओर न देखने का का संदेश और सबक दिया है।

उन्होंने भौतिक दूरी को सरल शब्दों में परिभाषित करने के ‘दो गज की दूरी’ के मंत्र की सराहना भी की।

प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से कहा, ‘‘आप सभी ने दुनिया को मंत्र दिया है- ‘दो गज की दूरी’ का, या कहें ‘दो गज देह की दूरी’ का मंत्र। इस मंत्र के पालन पर गांवों में बहुत ध्यान दिया जा रहा है।’’

मोदी ने कहा ‘‘अब यह देखना बहुत जरूरी हो गया है कि गांव अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए कैसे आत्मनिर्भर बनें, जिला अपने स्तर पर, राज्य अपने स्तर पर, और इसी तरह पूरा देश कैसे आत्मनिर्भर बने ?’’

दूसरी ओर, कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि मौजूदा प्रतिबंध भारत में अमेरिका या यूरोप जैसी स्थिति को रोकने में काफी कारगर रहे हैं, लेकिन आगाह किया कि वर्तमान लॉकडाउन की तरफ धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए एक ‘‘बड़ी चुनौती’’ इंतजार कर रही है।

कुछ वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि लॉकडाउन खत्म होने के कुछ सप्ताह बाद कोविड-19 मामलों की रफ्तार कम होती दिख सकती है या कुछ हफ्तों के भीतर इनमें गिरावट भी देखने को मिल सकती है लेकिन जुलाई के अंत या अगस्त में मानसून के दौरान भारत में इसका दूसरा दौर सामने आ सकता है।

शिव नादर विश्वविद्यालय के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर समित भट्टाचार्य ने पीटीआई- से कहा, ‘‘स्पष्ट तौर पर दिखता है कि नियमित नए मामलों के बढ़ने की दर स्थिर हो गई है और यह धीरे-धीरे नीचे की तरफ जाएगी, संभवत: कुछ हफ्तों या महीनों में।”

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