राजकोट (गुजरात), 12 फरवरी केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि गुजरात में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) इस साल अक्टूबर तक पूरी तरह से काम करने लगेगा।
मांडविया ने कहा कि राजकोट एम्स का 60 प्रतिशत विकास कार्य पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल अक्टूबर या नवंबर में इसे राष्ट्र को समर्पित करने की संभावना है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘नए-नए उपकरण आ रहे हैं और संकाय में भर्तियां होने के साथ लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। हमलोग राजकोट एम्स को अक्टूबर तक पूरी तरह से संचालन योग्य बनाने के लिए प्रयासरत हैं।’’
मांडविया ने कहा कि एम्स का बुनियादी ढांचा कार्य अभी जारी है और छात्रों का तीसरा बैच आ गया है। उन्होंने कहा कि राजकोट उन 22 स्थानों में से एक है, जहां लोगों को उच्च गुणवत्ता के डॉक्टर एवं छात्रों से तृतीयक (उच्च गुणवत्ता वाली) स्वास्थ्य सेवा देने के उद्देश्य से प्रमुख आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 दिसंबर, 2020 को राजकोट एम्स की आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहा था कि इस एम्स से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा एवं मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और गुजरात में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इसकी वेबसाइट के अनुसार, एम्स राजकोट 750 बेड का अस्पताल होगा, जिसमें कई विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे। परियोजना के निर्माण पर 1,195 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें 185 करोड़ रुपये आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए आवंटित किए गए हैं।
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