देश की खबरें | राजस्थान: माली समाज ने पृथक आरक्षण को लेकर अपना आंदोलन स्थगित किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नौकरियों और उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत पृथक आरक्षण की मांग को लेकर माली समाज का भरतपुर में जारी आंदोलन मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। फुले आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी लाल सैनी ने भरतपुर में यह घोषणा की।
जयपुर, दो मई नौकरियों और उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत पृथक आरक्षण की मांग को लेकर माली समाज का भरतपुर में जारी आंदोलन मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। फुले आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी लाल सैनी ने भरतपुर में यह घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि सैनी, माली, कुशवाहा, शाक्य और मौर्य समुदाय के लोग आरक्षण संबंधी अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए 11 दिन से अरौदा गांव के पास डेरा डाले हुए थे। इन लोगों ने जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर रखा था।
सैनी ने आज संवाददाताओं से कहा, ‘‘ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आयोग के साथ जो बैठक हुई उसमें यह सहमति बनी है कि हमने कहा था कि आप जल्द से जल्द सर्वे कराकर रिपोर्ट सरकार को पहुंचाएं, हमें सरकार से आरक्षण का फैसला करवाना है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को दस दिन का समय दिया है रिपोर्ट भेजने के लिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आगामी निर्णय तक आंदोलन स्थगित किया गया है। जरूरत पड़ी तो फिर आंदोलन किया जाएगा।’’
उल्लेखनीय है कि माली समुदाय के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति बताने और नौकरियों व उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण की अपनी मांग को लेकर सोमवार को ओबीसी आयोग से जयपुर में वार्ता की थी।
सैनी, माली, कुशवाहा, शाक्य और मौर्य माली समुदाय के हैं। वे वर्तमान में ओबीसी श्रेणी के अंतर्गत हैं लेकिन अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी माली समुदाय से हैं। समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें ओबीसी आयोग द्वारा सर्वेक्षण कराने का आश्वासन दिया था।
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