देश की खबरें | राजस्थान : डोटासरा सहित कांग्रेस के छह विधायकों को विधानसभा से निलंबित करने का प्रस्ताव पारित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को कथित अशोभनीय व निंदनीय आचरण करने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के छह विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

जयपुर, 21 फरवरी राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को कथित अशोभनीय व निंदनीय आचरण करने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के छह विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग द्वारा रखे गए इस आशय के प्रस्ताव के पारित होने की घोषणा की। इसके बाद सदन की कार्यवाही 24 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मुख्य सचेतक गर्ग ने विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा, ''मैं निवेदन करता हूं कि प्रतिपक्ष के सदस्यों द्वारा सदन में अशोभनीय और निंदनीय आचरण किए जाने के फलस्वरूप निम्नांकित माननीय सदस्यों को मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जाए...गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकिम अली व संजय कुमार।''

देवनानी ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित हुआ घोषित किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 24 फरवरी पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

उल्लेखनीय है कि मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में एक ‘‘अनुचित’’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।

दरअसल, राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी सवाल का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।’’

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पर आपत्ति जताई और मंत्री से माफी मांगने एवं शब्द को कार्यवाही से हटाए जाने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वे आसन के सामने आ गए।

हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। चौथी बार शाम चार बजे जब सदन की बैठक हुई तो मुख्य सचेतक गर्ग ने विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\