नयी दिल्ली, सात अगस्त कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी से संबंधित मानहानि के मामले में उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने के तीन दिन बाद उनकी लोकसभा सदस्यता सोमवार को बहाल कर दी गई।
लोकसभा में सरकार के खिलाफ लाये गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से आरंभ हो रही चर्चा से पहले राहुल गांधी की सदस्यता की बहाली विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के हौसले को बढ़ाने वाली है।
राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग ले सकते हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या मंगलवार को राहुल गांधी सदन में बोलेंगे, तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘‘जरूर बोलेंगे।’’
करीब साढ़े चार महीने तक संसद से दूर रहने के बाद राहुल गांधी लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना जारी होने के कुछ घंटों के भीतर ही संसद भवन पहुंचे, जहां विपक्षी सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना में कहा कि उच्चतम न्यायालय के चार अगस्त के फैसले के मद्देनजर गांधी की अयोग्यता संबंधी गत 24 मार्च की अधिसूचना का क्रियान्वयन आगामी न्यायिक फैसले तक रोका जाता है।
अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘चौबीस मार्च, 2023 की अधिसूचना की निरंतरता में उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त, 2023 को विशेष अनुमति याचिका (आपराधिक) संख्या 8644/2023 को लेकर एक आदेश पारित किया है, जिसमें केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य श्री राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सूरत) की अदालत द्वारा दिनांक 23 मार्च, 2023 को दोषसिद्धि का आदेश पारित किया गया था।’’
इसमें यह भी कहा गया है, ‘‘भारत के उच्चतम न्यायालय के दिनांक चार अगस्त, 2023 के आदेश के मद्देनजर संविधान के अनुच्छेद 102(1)(ई) के प्रावधानों के संदर्भ में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-आठ के आलोक में श्री राहुल गांधी की (बतौर सदस्य) अयोग्यता पर रोक लगा दी गई, जो आगे न्यायिक आदेशों पर निर्भर करेगी।’’
सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी करीब 12 बजे संसद भवन पहुंचे और लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए।
संसद भवन पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया और फिर सदन में गए।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का स्वागत किया।
विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’, ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ और ‘इंडिया-इंडिया’ के नारे लगाए।
सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी ने अपने ट्विटर प्रोफाइल का ब्योरा बदला और संसद सदस्य लिखा। सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने के बाद उन्होंने ‘डिस्क्वालिफाइड एमपी’ (अयोग्य ठहराए गए सांसद) लिखा था।
कांग्रेस ने अपने नेता की सदस्यता बहाल होने का स्वागत किया और कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में मुख्य वक्ता हों।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का स्वागत करते हुए सोमवार को कहा कि इससे भारत के लोगों, खासकर वायनाड संसदीय क्षेत्र की जनता को राहत मिली है।
खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल करने का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है। यह (कदम) भारत के लोगों और विशेषकर वायनाड की जनता के लिए राहत लेकर आया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और मोदी सरकार के कार्यकाल का अब जो भी समय बचा है, उन्हें उसका उपयोग विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि देश की जनता के असल मुद्दों की आवाज एक बार फिर संसद में गूंजेगी।
कांग्रेस के अलावा कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी राहुल गांधी की सदस्यता बहाल किये जाने का स्वागत किया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राहुल गांधी को बधाई दी और कहा कि सभी विपक्षी दल मिलकर लड़ेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सभी लोगों के लिए खुशी की बात है। उन्हें बधाई है। उनके साथ जो हुआ था, सबको खराब लगा था।’’
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि खुशी की बात है कि राहुल गांधी को राहत मिल गई है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को कमजोर करने का जितना प्रयास किया जा रहा है, उतना ही वे मजबूत हो रहे हैं और गोलबंद हो रहे हैं।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वह संसद में उन्हें जनता के मुद्दों पर 'शेर की तरह दहाड़ते' हुए देखना चाहती हैं।
उधर, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता की बहाली, मामला सुलझने तक कांग्रेस नेता के लिए एक अस्थायी राहत है।
उच्चतम न्यायालय ने गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए, मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के संबंध में 2019 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में उनकी दोषसिद्धि पर, शुक्रवार चार अगस्त को रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने चार अगस्त को फैसला सुनाते हुए कहा था कि निचली अदालत के न्यायाधीश ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते समय कोई कारण नहीं बताया, सिवाय इसके कि उन्हें अवमानना मामले में शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY