देश की खबरें | अमरनाथ में बादल फटने की घटना के बाद त्वरित प्रतिक्रिया से मौतें सीमित रहीं: वायुसेना अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वायुसेना के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद बचाव एवं राहत कार्य में सबसे पहले जुटे लोगों की कोशिश से ही यह सुनिश्चित हुआ कि इस घटना में मृतकों की संख्या ‘‘सीमित’’ रही।

श्रीनगर, 11 जुलाई वायुसेना के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद बचाव एवं राहत कार्य में सबसे पहले जुटे लोगों की कोशिश से ही यह सुनिश्चित हुआ कि इस घटना में मृतकों की संख्या ‘‘सीमित’’ रही।

इस गुफा के पास आठ जुलाई को भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ जाने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई तथा 30 से ज्यादा लोग लापता हैं।

एअर कोमोडोर पंकज मित्तल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ लोगों द्वारा पहले दिन किए गए प्रयासों का ही नतीजा रहा कि मृत्यु एवं हताहत होने की संख्या वाकई सीमित रही।’’

बचाव एवं राहत अभियान के स्तर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ हम (पहले ही) बड़ा अभियान देख चुके हैं, उसकी तुलना में अब अभियान छोटे पैमाने पर है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ (बचाव एवं राहत अभियान का) बड़ा प्रयास पहले ही खत्म हो गया है और वे यात्रा बहाल करने के लिए पहले ही वहां से चीजें (मलबा आदि) हटा चुके हैं। मैं समझता हूं कि एक या दो दिन में हम, जो कुछ थोड़ा-बहुत बचा है, उसे वहां से हटा देंगे।’’

अधिकारी ने कहा,‘‘ मौसम बचाव एवं राहत अभियान में सबसे बड़ी चुनौती रहा। (गुफा को जाने वाली) घाटी संकरी होने एवं बादल छाए रहने के कारण हेलीकॉप्टर का प्रवेश करना मुश्किल हो रहा था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दृश्यता जैसे कुछ न्यूनतम मापदंड हैं जिसे हमें उड़ान भरने से पहले ध्यान रखने की जरूरत होती है...... दस जुलाई को भी हम मौसम के कारण आधे दिन से अधिक समय या अपराह्न दो बजे के बाद हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा पाए। ’’

मित्तल ने कहा कि घटना के दिन मौसम बड़ा प्रतिकूल था और ‘‘हमें समन्वित तरीके से अगले दिन अभियान शुरू करना विवेकपूर्ण लगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ आठ जुलाई को नागरिक प्रशासन, कैंप कमांडरों, सैन्य कमांडरों, बीएसएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस जैसी विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एवं योजना पर विशेष ध्यान था।’’ उन्होंने कहा कि मुख्य हेलीकॉप्टर परिचालन नौ जुलाई को सुबह नौ बजे शुरू हुआ।

मित्तल ने कहा, ‘‘हमने जिन सुविधाओं का उपयोग किया, उनमें यहां बेस यूनिट से एमआई 17 वी5 और लेह यूनिट से मंगाए गए चार चीतल और दो अन्य विमान थे। इन दो अन्य विमानों से देश के अन्य हिस्सों में कर्मी एवं जरूरी उपकरण लाए गए।’’

उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बाद भी वायुसेना 112 अभियानों को अंजाम देने में सफल रही। उन्होंने कहा कि बचाव एवं राहत प्रयास विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल एवं सहयोग के बिना संभव नहीं हो पाता।

मित्तल ने बचाव और राहत कार्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना के इंजीनियरों और नागरिक प्रशासन द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match Live Score Update: किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच खेला जा रहा हैं दूसरा टी20 मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match T20I Live Streaming In India: वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच आज खेला जाएगा पहला टी20, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मैच का लुफ्त

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match Pitch Report And Weather Update: किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला मुकाबले में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

West Indies Women vs Australia Women, 2nd T20I Match Prediction: अहम मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, घरेलू सरजमीं पर पलटवार करने उतरेगी वेस्टइंडीज महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

\