देश की खबरें | प्रकाशक ने आसाराम को दोषी करार दिए जाने संबंधी पुस्तक के प्रकाशन पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रकाशक हार्परकोलिंस ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अर्जी देकर आसाराम से जुड़ी किताब ‘‘गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कंविक्शन’’ के प्रकाशन पर लगी अंतरिम रोक को हटाने का अनुरोध किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ सितंबर प्रकाशक हार्परकोलिंस ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अर्जी देकर आसाराम से जुड़ी किताब ‘‘गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कंविक्शन’’ के प्रकाशन पर लगी अंतरिम रोक को हटाने का अनुरोध किया।

प्रकाशक के वकील ने अदालत को बताया कि 22 जुलाई को मीडिया में सभी जगह इस संबंध में खबरें आयी कि इस पुस्तक का विमोचन पांच सितंबर को होगा, लेकिन चार जुलाई की शाम निचली अदालत में व्यादेश (इनजंक्शन) के लिये एक मुकदमा दायर कर दिया गया।

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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने आसाराम बलात्कार मामले में सह-दोषी संचिता गुप्ता उर्फ शिल्पी को प्रकाशक की अपील पर नोटिस भेजा है।

अदालत ने वकील की दलीलें सुनी और मामले की सुनवाई बुधवार को तय कर दी ।

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सुनवायी के दौरान प्रकाशक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि निचली अदालत ने चार सितंबर को एक तरफा आदेश पारित करते हुए पुस्तक के प्रकाशन पर रोक लगा दिया, उस रोक को हटाया जाना चाहिये।

उन्होंने दलील दी, ‘‘यह बहुत गंभीर मसला है। सभी पुस्तकें तमाम वितरकों के पास पहुंच चुकी हैं। पिछले कुछ साल में यह प्रवृत्ति बन गयी है कि पुस्तक के विमोचन की पूर्व संध्या पर लोग अदालत पहुंच जाते हैं और वहां से एकतरफा रोक ले लेते हैं।’’

उन्होंने कहा कि निचली अदालत में याचिका दायर करने वाली महिला (शिल्पी) ने फैसले की प्रति संलग्न नहीं की है, जिसके आधार पर अदालत यह तय कर सके कि उनकी आपत्ति कानूनन वैध है या नहीं।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक मामले के रिकॉर्ड के आधार पर लिखा गया है और यह जांच अधिकारी की कहानी है। यह पूरी कहानी सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों और आसाराम तथा शिल्पी को दोषी करार दिए जाने के फैसले पर आधारित है।

लेकिन, शिल्पी के वकील ने प्रकाशक की अपील का विरोध करते हुए कहा कि किताब में लिखी सामग्री रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है और अगर किताब को प्रकाशित होने दिया गया तो इससे उनके मुवक्किल को अपूरणीय क्षति होगी।

महिला की ओर से पेश हुए अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि किताब में मानहानि करने वाली सामग्री मौजूद है।

सुनवाई के दौरान ही न्यायाधीश ने कहा कि प्रकाशक हार्परकोलिंस ने उनकी पत्नी की कई पुस्तकें प्रकाशित की हैं और अन्य पुस्तकें भी आने वाली हैं।

इसपर दोनों पक्षों के वकीलों ने कहा कि मामले की सुनवाई उनके द्वारा किए जाने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

मुकदमे से आमेजन और फ्लिपकार्ट को हटा दिया गया है क्योंकि दोनों ने कहा कि उन्हें पक्ष बनाने की आवश्यकता नहीं है और वे अदालत के फैसले का सम्मान करेंगी।

‘‘गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कंविक्शन’’ जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय लांबा और संजीव माथुर ने लिखा है। इसका विमोचन पांच सितंबर को होना था।

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