देश की खबरें | प्रदर्शनरत किसानों को अपने नेतृत्व में बदलाव पर विचार करना चाहिए : विज

अंबाला, 12 नवंबर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों से अपने नेतृत्व में बदलाव पर शुक्रवार को विचार करने को कहा क्योंकि उनके मौजूदा नेता एक साल लंबे आंदोलन के बाद भी उनके मुद्दों को हल करने में ‘‘नाकाम’’ रहे हैं।

विज ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि आंदोलन की अगुवाई कर रहे लोग ‘‘किसानों के शुभचिंतक’’ नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि उनका निजी गुप्त एजेंडा है जो कुछ वजहों से किसानों को नहीं बताया जा रहा है।’’

मंत्री ने कहा कि किसानों को अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि इस अवधि में उन्होंने उनके लिए क्या हासिल किया। उन्होंने कहा कि किसान नेता एक साल लंबे आंदोलन के बाद भी उनके मुद्दों को हल करने में ‘‘नाकाम’’ रहे हैं।

विज ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में समस्याएं हमेशा संवाद के जरिए हल होती हैं। उन्होने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को कई बार बातचीत के लिए आमंत्रित किया लेकिन वे इसमें ‘‘देर’’ करते रहे हैं।

उन्होंने किसानों से कहा कि उन्हें अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि उन मुद्दों पर क्या प्रगति हुई है जिनके लिए वे गांवों में अपने परिवारों को अकेला छोड़कर सड़कों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे में हस्तक्षेप करना नहीं चाहते क्योंकि यह किसानों और उनके नेताओं के बीच का मामला है लेकिन राज्य का गृह मंत्री होने के नाते उन्हें कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखनी होगी।

विज ने कहा कि सरकार भी इस बात से चिंतित है कि आंदोलन का असर राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और उद्योगों पर पड़ रहा है।

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