देश की खबरें | साबरमती आश्रम के पुनर्विकास के खिलाफ विरोध मार्च गुजरात पहुंचा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रसिद्ध साबरमती आश्रम के प्रस्तावित पुनर्विकास के खिलाफ महाराष्ट्र में वर्धा के सेवाग्राम में शुरू हुआ विरोध मार्च करीब 800 किलोमीटर की दूरी तय कर शनिवार को गुजरात में अहमदाबाद पहुंच गया।
अहमदाबाद, 23 अक्टूबर प्रसिद्ध साबरमती आश्रम के प्रस्तावित पुनर्विकास के खिलाफ महाराष्ट्र में वर्धा के सेवाग्राम में शुरू हुआ विरोध मार्च करीब 800 किलोमीटर की दूरी तय कर शनिवार को गुजरात में अहमदाबाद पहुंच गया।
इस मार्च में करीब 50 गांधीवादी शामिल हैं। वे यहां गुजरात विद्यापीठ में एकत्र हुए और कहा कि वे केंद्र और राज्य सरकार को पुनर्विकास योजना के जरिए महात्मा गांधी के इस स्मारक को 'अपवित्र' नहीं करने देंगे।
विरोध मार्च रविवार सुबह प्रार्थना सभा के साथ औपचारिक रूप से यहां साबरमती आश्रम में समाप्त होगा।
गांधीवादी उत्तम परमार ने कहा, "हम यहां पूरी दुनिया को यह बताने के लिए आए हैं कि हम नहीं चाहते कि आश्रम को विश्वस्तरीय स्मारक के रूप में विकसित किया जाए। नहीं महाशय, आपका यह विचार हमें स्वीकार्य नहीं है।"
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे "अत्याचार का सामना करने" और गोलियों का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार को महात्मा गांधी के स्मारक के साथ छेड़छाड़ नहीं करने देंगे।
इस मार्च में गांधी स्मारक निधि, गांधी शांति प्रतिष्ठान, सर्व सेवा संघ, सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान, सर्वोदय समाज, नयी तालीम समिति, राष्ट्रीय युवा संगठन, राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, जल बिरादरी, महाराष्ट्र सर्वोदय मंडल और गुजरात के सर्वोदय संगठनों ने भाग लिया।
अहमदाबाद के साबरमती में गांधी आश्रम की पुनर्विकास परियोजना के तहत इसे पांच एकड़ से बढ़ाकर 55 एकड़ में बनाने, विभिन्न विरासत भवनों को एक एकीकृत क्षेत्र के रूप में लाने तथा पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस पर 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
महात्मा गांधी 1917 से 1930 तक इस आश्रम में रहे थे।
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