विदेश की खबरें | स्पाइवेयर कंपनी एनएसओ समूह के भावी सीईओ ने पद से दिया इस्तीफा
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यरुशलम, 12 नवंबर अपनी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ काम करने के लिए अमेरिका द्वारा इजरायली स्पाइवेयर कंपनी एनएसओ समूह को कालीसूची में डाले जाने के कुछ दिनों बाद, कंपनी के अगले मुख्य कार्यकारी बनने वाले एक कार्यकारी अधिकारी ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
इज़राइली कंपनी के एक प्रवक्ता ने स्थानीय मीडिया में आई खबरों की पुष्टि की कि इसके मनोनीत-सीईओ इसाक बेनबेनिस्टी ने इस्तीफा देने का फैसला किया है।
एनएसओ के एक प्रवक्ता ने ‘पीटीआई’ को बताया, “एनएसओ ग्रुप के सह-संस्थापक और सीईओ शालेव हुलियो ने घोषणा की कि वह इस अवधि के दौरान स्थिरता और निरंतरता की जरूरत के कारण, निकट भविष्य के लिए सीईओ के रूप में अपने पद पर बने रहेंगे।”
मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि अगस्त में कंपनी में शामिल होने वाले बेनबेनिस्टी को 31 अक्टूबर को हुलियो के भविष्य के प्रतिस्थापन के रूप में मनोनीत किया गया था, जो उपाध्यक्ष और वैश्विक अध्यक्ष के रूप में नई भूमिका निभाने वाले थे।
वैश्विक स्तर पर सरकारी अधिकारियों, कार्यकर्ताओं व पत्रकारों की कथित तौर पर जासूसी करने के लिये इस्तेमाल पेगासस स्पाईवेयर को बनाने वाली एनएसओ को अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद इजराइल ने प्रौद्योगिकी कंपनी से दूरी बनाते हुए कहा कि यह एक निजी कंपनी है और इसका इजराइली सरकार की नीतियों से कुछ लेना-देना नहीं है।
इजराइल के विदेश मंत्री, येर लापिद ने प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और वित्त मंत्री एविगडोर लिबरमैन के साथ शनिवार शाम प्रधानमंत्री कार्यालय में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एनएसओ एक निजी कंपनी है, यह एक सरकारी परियोजना नहीं है और इसलिए भले ही इसे नामित किया गया हो, इसका इजराइल सरकार की नीतियों से कोई लेना-देना नहीं है।”
लापिद ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई दूसरा देश है, जिसके पास साइबर युद्ध के लिए इतने सख्त नियम हैं और वह उन नियमों को इजराइल से ज्यादा लागू कर रहा है, हम आगे भी ऐसा करना जारी रखेंगे।”
इजराइल के विदेश मंत्री की टिप्पणी अमेरिका द्वारा बुधवार को भारत सहित दुनिया भर के देशों में अपने फोन-हैकिंग स्पाइवेयर के कथित दुरुपयोग को लेकर हर्ज़लिया स्थित कंपनी पर प्रतिबंध को मंजूरी देने के बाद आई है।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो (बीआईएस) ने बुधवार को एनएसओ समूह और कैंडिरू को उन गतिविधियों में शामिल होने के लिए ऐसी सूची में शामिल किया, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के हितों के विपरीत हैं।
इसने एक बयान में कहा कि उन्हें इस सबूत के आधार पर सूची में शामिल किया गया था कि उसने स्पाईवेयर विकसित किया और विदेशी सरकारों को उसकी आपूर्ति की थी, जो इन उपकरणों का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों, व्यापारियों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और दूतावास के कर्मचारियों को दुर्भावनापूर्ण रूप से निशाना बनाने के लिए करते थे।
इन उपकरणों ने विदेशी सरकारों को राष्ट्रव्यापी दमन का संचालन करने में भी सक्षम बनाया है, जो कि सत्तावादी सरकारों द्वारा असंतुष्टों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को उनकी संप्रभु सीमाओं के बाहर असंतोष को दबाने के लिए लक्षित करने का तरीका है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि इस तरह की प्रथाओं से नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को खतरा है।
दुनिया भर में चल रहे विवाद के बीच, इज़राइल ने जुलाई में एनएसओ समूह के निगरानी सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग के आरोपों की समीक्षा करने के लिए एक समिति की स्थापना की थी और संभावित “लाइसेंस देने के पूरे मामले की समीक्षा” का संकेत दिया।
एनएसओ के मुख्य कार्यकारी, शालेव हुलियो ने तब इस कदम का स्वागत करते हुए कहा था, “अगर कोई जांच हुई तो बहुत खुशी होगी क्योंकि इससे हम अपना नाम साफ कर सकेंगे।”
हुलियो ने तब दावा किया कि यह “पूरे इज़राइली साइबर उद्योग को धब्बा लगाने” का प्रयास था।
एनएसओ प्रमुख ने इस बात पर भी जोर दिया था कि उनकी कंपनी “गोपनीयता के मुद्दों” के कारण अपने अनुबंधों के विवरण का खुलासा नहीं कर सकती है, लेकिन, “वह अधिक जानकारी मांगने वाली किसी भी सरकार को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सूचना प्रदान करेगी।”
हुलियो ने तब कहा था, “किसी भी राज्य इकाई को, किसी भी राज्य के, किसी भी अधिकारी को साथ आने दें, और हम उन्हें सब कुछ बताने के लिए तैयार हैं ताकि वे आकर ऊपर से नीचे तक सबकुछ देख सकें।”
इज़राइल के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह भी धमकी दी थी कि अगर उसे पता चलता है कि एनएसओ समूह ने अपने निर्यात लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया है, तो वह “उचित कार्रवाई” करेगा।
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