जरुरी जानकारी | डिजिटल भुगतान, फिन-टेक को बढावा देने के लिये 1500 करोड़ की योजना का प्रस्ताव रखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने देश में डिजिटिल लेन देन को बढावा देने के लिये सोमवार को 1500 करोड़ रूपये की योजना का प्रस्ताव किया। उद्योग जगत का मानना है कि इससे छोटे शहरों में ई भुगतान को बढावा मिलने के साथ फिनटेक फर्मों को नयी पहल करने की प्रेरणा मिलेगी ।
नयी दिल्ली, एक फरवरी केंद्र सरकार ने देश में डिजिटिल लेन देन को बढावा देने के लिये सोमवार को 1500 करोड़ रूपये की योजना का प्रस्ताव किया। उद्योग जगत का मानना है कि इससे छोटे शहरों में ई भुगतान को बढावा मिलने के साथ फिनटेक फर्मों को नयी पहल करने की प्रेरणा मिलेगी ।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि पिछले कुछ समय में डिजिटल भुगतान में कई गुना वृद्धि हुई है ।
उन्होंने 2021- 22 का बजट पेश करते हुए कहा,‘‘ डिजिटल लेन . देन को और बढावा देने के लिये मैं 1500 करोड़ रूपये की योजना का प्रस्ताव रखती हूं जिससे डिजिटल भुगतान को बढावा देने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जायेगा ।’’
इस पहल का स्वागत करते हुए भारतीय भुगतान परिषद के अध्यक्ष और इंफीबीम एवेन्यूज लिमिटेड के निदेशक विश्वास पटेल ने कहा कि इससे डिजिटल भुगतान को बढावा मिलेगा ।
उन्होंने कहा ,‘‘ उम्मीद है कि इसका उपयोग सेवा प्रदाताओं को वर्ष 2020 में रूपे डेबिट कार्ड और यूपीआई के जरिए लेनदेन के निशुल्क प्रसंस्करण से हुए नुकसान की भरपाई और रिजर्व बैंक द्वारा बनाये गए भुगतान अवसंरचना विकास कोष (पीआईडीएफ) 500 करोड़ रूपये के कोष को बढ़ाने में किया जाएगा । ’’
उद्योग जगत का कहता रहा हे कि 2019 के बजट में ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट्र’ (एमडीआर) शून्य होने से वित्तीय तकनीक ढांचे पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है ।
एमडीआर वह दर है जो बैंक डेबिट और क्रेडिट कोर्ड सेवा प्रदान करने के लिये दुकानदार या व्यवसायी पर लगाता है ।
रेजरपे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह संस्थापक हर्षिल माथुर ने कहा कि 2020 में डिजिटल भुगतान में 80 प्रतिशत बढोतरी हुई है , खासकर दूसरे और तीसरे श्रेणी के शहरों में । उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे भुनाने के लिये ई भुगतान को बढावा देने पर ध्यान केंद्रित किया है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ उम्मीद है कि ये कोष जीरो एमडीआर नीति के विकल्प के विकास और क्षेत्रीय ओं में डिजिटल भुगतान की दिशा में प्रयासों पर खर्च किये जायेंगे ।इससे व्यवस्था में विश्वास बनेगा और डिजिटल भुगतान से हिचकितचाने वाले उद्यमी भी इसे अपनाने के लिये आगे आ सकेंगे ।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)