निजी मेडिकल कालेजों के वीआरडीएल केंद्रों में की जा सकती है कोविड-19 की जांच: अदालत
अदालत की नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एन डब्ल्यू साम्ब्रे ने यह भी जानना चाहा कि क्या निजी मेडिकल कालेजों में वीआरडीएल केंद्रों को शीघ्र मान्यता दी जा सकती है।
नागपुर, 23 अप्रैल बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार चाहे तो कोरोना वायरस संक्रमण की तेजी से जांच के लिए निजी मेडिकल कालेजों के विषाणु अनुसंधान एवं नैदानिक प्रयोगशाला (वीआरडीएल) केंद्रों का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकती है।
अदालत की नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एन डब्ल्यू साम्ब्रे ने यह भी जानना चाहा कि क्या निजी मेडिकल कालेजों में वीआरडीएल केंद्रों को शीघ्र मान्यता दी जा सकती है।
अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से निजी अस्पतालों को मान्यता देने के वास्ते एक विशेष पोर्टल बनाने को भी कहा।
कोरोना वायरस की जांच के संबंध में सुभाष जनवार द्वारा दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने अपने विचार प्रकट किए।
न्यायमूर्ति साम्ब्रे ने इसका संज्ञान लिया कि निजी मेडिकल कालेजों में अकादमिक कर्मचारी होते हैं जो प्रशिक्षण के बाद कोरोना वायरस जांच कर सकते हैं।
अदालत ने कहा, “निजी मेडिकल कालेजों में वीआरडीएल केंद्रों को संचालित करने में एक ही बाधा है और वह है एनएबीएल के कड़े नियमों के चलते मान्यता न मिलना।”
अदालत ने कहा, “ यदि पहले से मान्यता के लिए अनुरोध किया गया है या अनुरोध लंबित है तो केंद्र सरकार से अपेक्षित है कि इस संबंध में कदम उठाए ताकि निजी मेडिकल कालेजों के वीआरडीएल केंद्रों को शीघ्र मान्यता दी जा सके। ”
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 11:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

