नयी दिल्ली, चार फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘‘चौरी-चौरा कांड’’ के सौ साल पूरे होने पर देश की स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को स्मरण किया।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इस ऐतिहासिक घटना के नायकों का स्मरण किया और पिछले साल के अपने एक भाषण को भी साझा किया जब इस घटना का शताब्दी कार्यक्रम शुरू हुआ था।
चार फरवरी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित चौरी-चौरा शताब्दी कार्यक्रम को प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन किया था।
उन्होंने चौरी-चौरा के शहीदों के बारे में चर्चा कम होने के बारे में खेद व्यक्त करते हुए कहा था कि इस घटना के शहीदों का भले ही इतिहास के पन्नों में प्रमुखता से उल्लेख न हुआ हो, लेकिन उनका खून निश्चित रूप से स्वतंत्रता की लड़ाई में देश की मिट्टी में जरूर मिला है।
उल्लेखनीय है कि चौरी चौरा गोरखपुर का एक गांव है। आजादी के आंदोलन के दौरान यह गांव ब्रिटिश पुलिस तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बीच हुई हिंसक घटनाओं के कारण चर्चा में रहा।
चौरी चौरा में 4 फरवरी, 1922 को स्थानीय पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच अप्रत्याशित संघर्ष हुआ और फिर क्रोध से भरी हुई भीड़ ने चौरी-चौरा के थाने में आग लगा दी और 22 पुलिसकर्मियों को जिंदा जला दिया था। चौरी चौरा की इस घटना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा चलाये गये 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' को आघात पहुंचा, जिसके कारण उन्हें इसे स्थागित करना पड़ा था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY