देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप से अमानवीय व्यवहार के बारे में पूछना चाहिए था : खरगे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अमेरिका से निर्वासित भारतीय प्रवासियों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने ‘‘पुराने मित्र’’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन करना चाहिए था और उनसे कहना चाहिए था कि वह प्रवासियों को इस तरह वापस न भेजें।

कलबुर्गी (कर्नाटक), 12 फरवरी अमेरिका से निर्वासित भारतीय प्रवासियों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने ‘‘पुराने मित्र’’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन करना चाहिए था और उनसे कहना चाहिए था कि वह प्रवासियों को इस तरह वापस न भेजें।

मोदी बुधवार से अमेरिका की दो दिवसीय यात्रा करेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

कलबुर्गी में पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने दावा किया, ‘‘मोदी को शुरू में निमंत्रण नहीं मिला था। हालांकि, विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका गए और व्यवस्था की, जिसके बाद मोदी को निमंत्रण मिला और अब वह (अमेरिका के) दौरे पर हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मोदी ने खुद दावा किया है कि वह अपने ‘पुराने दोस्त’ (ट्रंप) से बात कर रहे हैं, जिससे देश को फायदा होगा। लेकिन अगर वे वाकई करीबी दोस्त हैं, तो मोदी को फोन पर ट्रंप से कहना चाहिए था कि वह भारतीय प्रवासियों को इस तरह से वापस न भेजें।’’

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय प्रवासियों को एक मालवाहक विमान में भारत वापस भेजा गया और उनके साथ ‘‘बेहद खराब व्यवहार किया गया।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मोदी ने ट्रंप से इन प्रवासियों को यात्री विमान से भेजने के लिए नहीं कहा, न ही उन्होंने (मोदी) भारत से इसका प्रबंध किया, जिससे साबित होता है कि उनकी घनिष्ठ मित्रता का दावा झूठा था।’’

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत मित्रता अच्छी बात है, लेकिन देशों के लिए मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण है।

खरगे ने दावा किया, ‘‘मोदी आत्मविश्वास के साथ बोलते हैं, लेकिन उन्हें झूठ बोलने की भी आदत है। इसलिए, उन्हें अच्छे नतीजे नहीं मिलेंगे।’’

भारत ने हथकड़ी लगाकर अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजे जाने पर सात फरवरी को अमेरिका के समक्ष चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि इस तरह के व्यवहार से बचा जा सकता था।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा सैन्य विमान में 40 घंटे की उड़ान के दौरान हथकड़ी लगाकर अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजे जाने पर मचे हंगामे के बीच आई थी।

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