जरुरी जानकारी | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पांच साल पूरे, तोमर ने कहा 29 करोड़ किसानों का हुआ नामांकन

नयी दिल्ली, 13 जनवरी कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत अब तक 29 करोड़ किसानों ने बीमा कराया है। तोमर ने ऐसे किसानों से जल्द अपनी फसलों का बीमा कराने का आग्रह किया है जिन्होंने अभी तक बीमा नहीं कराया है ।

पीएमएफबीवाई के कार्यान्वयन के पांच वर्षों के पूरा होने के अवसर पर, मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली किसी भी फसल हानि से किसानों के लिए फसल बीमा ही एकमात्र ‘‘सुरक्षा कवच’’ है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 29 करोड़ किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है और हर साल लगभग 5.5 करोड़ नए किसान पंजीकृत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 90,000 करोड़ रुपये के फसल नुकसान संबंधी दावों के लिए भुगतान आवंटन किया है।

पीएमएफबीवाई, देश भर में किसानों को सबसे कम एकसमान प्रीमियम पर एक व्यापक जोखिम समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से 13 जनवरी 2016 को शुरू की गई थी।

तोमर ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इस अवसर पर, मैं फिर से किसानों को बधाई देना चाहता हूं और उनसे उम्मीद करता हूं कि वे अपने साथी किसानों और रिश्तेदारों को भी फसल बीमा का लाभ उठाने के लिए कहें।’’

उन्होंने उन ‘‘किसानों से भी आग्रह किया, जिन्होंने अभी तक अपनी फसल का बीमा नहीं कराया है, कि वे खुद फसल बीमा करायें और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को सुरक्षित करें।’’

मंत्री ने बताया कि पीएमएफबीवाई को स्वैच्छिक बनाया गया है और इस योजना को प्रौद्योगिकी से जोड़ा गया है। इसके अलावा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए गए हैं।

दावों के त्वरित वितरण और फसल मूल्यांकन के लिए, केंद्र उपग्रह का उपयोग कर रहा है और राज्य सरकारों की सन्निकटता में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा योजना से संबंधित सभी जानकारी देने वाला एक फसल बीमा मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया गया है।

इस योजना के तहत, किसान के अंशदान के हिस्से से अधिक प्रीमियम लागत के लिए केंद्र और राज्यों द्वारा समान रूप से सब्सिडी दी जाती है। पूर्व-पीएमएफबीवाई योजनाओं के दौरान पीएमएफबीवाई के तहत औसत बीमित राशि प्रति हेक्टेयर 15,100 रुपये से बढ़कर 40,700 रुपये कर दी गयी है।

उन्होंने कहा कि आधार को खातों से जोड़ने से किसान के खातों में सीधे दावा निपटान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिली है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोविड लॉकडाउन अवधि के दौरान भी लगभग 70 लाख किसानों को लाभ हुआ और 8,741.30 करोड़ रुपये के दावे का भुगतान लाभार्थियों को हस्तांतरित किए गए।

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