जरुरी जानकारी | मूंगफली की नयी फसल की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. गुजरात की विभिन्न मंडियों में गर्मी के मौसम की मूंगफली फसल की आवक बढ़ने के कारण बृहस्पतिवार को स्थानीय मंडी में मूंगफली तेल तिलहन की कीमतों में गिरावट का रुख था। मांग बढ़ने से सीपीओ तथा पामोलीन तेल की कीमतों में लाभ दर्ज हुई।

नयी दिल्ली, 13 मई गुजरात की विभिन्न मंडियों में गर्मी के मौसम की मूंगफली फसल की आवक बढ़ने के कारण बृहस्पतिवार को स्थानीय मंडी में मूंगफली तेल तिलहन की कीमतों में गिरावट का रुख था। मांग बढ़ने से सीपीओ तथा पामोलीन तेल की कीमतों में लाभ दर्ज हुई।

सूत्रों ने कहा कि गुजरात सहित मूंगफली उत्पादक राज्यों में मूंगफली के नये फसल की मंडियों में आवक बढ़ रही है जिससे जिससे मूंगफली दान और तेल दोंनो में गिरावट है। इसके अलावा सीपीओ और पामोलीन सस्ता होने की वजह से मांग होने के कारण इनको मंग का समर्थन था जिससे इनमें सुधार दिखा।

मलेशिया एक्सचेंज ईद के अवसर पर बृहस्पतिवार को बंद था।

उन्होंने कहा कि जून माह में सोयाबीन की बुवाई शुरु होगी। सरकार को लगभग डेढ़ लाख टन सोयाबीन के उम्दा बीजों का इंतजाम रखना होगा। उनका अनुमान है कि इस बार सोयाबीन का बेहतर दाम देखते हुए किसान बिजाई बढ़ाएंगे और अच्छे बीज की मांग बढ़ेगी।

सोयाबीन की पिछली फसल असमय बरसात की वजह से काफी दागी निकली थी । ऐसे में उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी है कि सोयाबीन के बेहतर बीज की आूपर्ति बढ़ाई जाए। इस बार सोयाबीन की पैदावार अच्छा होने की संभावना की वजह से देश को इस तेल का कम आयात करना पड़ेगा।

बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि तेल तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये किसानों को इसके बेहतर दाम मिलना जरूरी है।किसानों की आय बढ़ने से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को बल मिलेगा।किसानों की आय बढ़ने से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को बल मिलेगा।

विश्लेषकों का मानना है कि तेल आयात पर निर्भता खत्म होने से सवा लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत और खली तथा मूंगफली के निर्यात से 75 हजार करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है।किसानों के तिलहन की खेती की ओर प्रोत्साहित होने से धान, गेहूं और गन्ने के गोदामों में पड़े स्टॉक और भारी सब्सिडी की चनौती से निपटने में सहायता मिलेगी।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 7,590 - 7,640 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 6,295 - 6,340 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,480 - 2,540 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,415 -2,465 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,515 - 2,615 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,000 - 18,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,950 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,700 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,400 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,550 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,800 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,450 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,450 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 7,950 - 8,000, सोयाबीन लूज 7,800 - 7,850 रुपये

मक्का खल 3,800 रुपये

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