देश की खबरें | दिल्ली सेवा विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी में ग्रुप-ए अधिकारियों की तैनाती एवं तबादले के लिए एक प्राधिकरण के गठन और ऐसी नियुक्तियों पर केंद्र सरकार को प्रधानता देने संबंधी प्रावधानों वाले दिल्ली सेवा विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी है।
नयी दिल्ली, 12 अगस्त राष्ट्रीय राजधानी में ग्रुप-ए अधिकारियों की तैनाती एवं तबादले के लिए एक प्राधिकरण के गठन और ऐसी नियुक्तियों पर केंद्र सरकार को प्रधानता देने संबंधी प्रावधानों वाले दिल्ली सेवा विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी है।
विधि एवं न्याय मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2023 को अपनी स्वीकृति दे दी है।
एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह विधेयक कानून में तब्दील हो गया, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अध्यादेश, 2023 का स्थान लेगा।
संबंधित विधेयक तीन अगस्त को लोकसभा से और सात अगस्त को राज्यसभा से पारित हुआ था।
यह अधिनियम दिल्ली के उपराज्यपाल को राष्ट्रीय राजधानी के अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती को लेकर अंतिम अधिकार देता है और सेवाओं पर केंद्र सरकार के नियंत्रण को मजबूत करता है।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 11 मई को फैसला सुनाया था कि राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार का, जबकि सेवाओं पर दिल्ली की निर्वाचित सरकार का नियंत्रण होगा।
इसके बाद केंद्र सरकार 19 मई को दिल्ली में ग्रुप-ए के अधिकारियों की तैनाती और तबादले को लेकर एक प्राधिकरण बनाने के वास्ते अध्यादेश लेकर आई थी।
यह अधिनियम अखिल भारतीय सेवाओं और दानिक्स से संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति के मामले में केंद्र सरकार को तरजीह देता है।
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