देश की खबरें | यूनानी चिकित्सा पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का मंगलवार को उद्घाटन करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

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नयी दिल्ली, 10 फरवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को नयी दिल्ली में यूनानी दिवस पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी।

यह सम्मेलन संवाद, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में यूनानी चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना है।

आयुष मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख अनुसंधान परिषद, यूनानी चिकित्सा में अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (सीसीआरयूएम), 11-12 फरवरी, 2025 को विज्ञान भवन, नयी दिल्ली में ‘‘एकीकृत स्वास्थ्य समाधान के लिए यूनानी चिकित्सा में नवाचार – आगे की राह’’ पर प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रही है।

इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह और आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी उपस्थित रहेंगे।

प्रख्यात यूनानी चिकित्सक, शिक्षक और स्वतंत्रता सेनानी हकीम अजमल खान की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल 11 फरवरी को यूनानी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

यूनानी चिकित्सा पद्धति के विकास और आयुष प्रणालियों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल करने की दिशा में सरकार के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा, ‘‘वैश्विक स्वास्थ्य सेवा में यूनानी चिकित्सा के बढ़ते एकीकरण को देखकर मुझे गर्व हो रहा है। नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देकर, हमारा लक्ष्य व्यापक स्वास्थ्य सेवा समाधान लाना है जो आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करते हुए हमारी पारंपरिक प्रथाओं का सम्मान करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार यूनानी चिकित्सा के विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह सार्वजनिक कल्याण और वैश्विक समुदाय के संपूर्ण स्वास्थ्य में सार्थक योगदान दे।’’

आयुष प्रणालियों में वैज्ञानिक अनुसंधान गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए सरकार के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, ‘‘आयुष क्षेत्र में अनुसंधान केंद्रों की स्थापना, मुख्यधारा की स्वास्थ्य नीतियों में आयुष को शामिल करना और पारंपरिक प्रणालियों को व्यापक स्वास्थ्य ढांचे में एकीकृत करना हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य यूनानी चिकित्सा में नवीनतम प्रगति और समग्र स्वास्थ्य प्रणालियों में उनकी उपयोगिता को उजागर करना है।

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