देश की खबरें | अमरिंदर के आवास का घेराव का प्रयास कर रहे आप कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने की पानी की बौछार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुलिस ने शनिवार को आप के उन कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया, जो बिजली कटौती के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के सिसवान स्थित आवास का ‘‘घेराव’’ करने के लिए आगे बढ़़ रहे थे।
मोहाली (पंजाब), तीन जुलाई पुलिस ने शनिवार को आप के उन कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया, जो बिजली कटौती के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के सिसवान स्थित आवास का ‘‘घेराव’’ करने के लिए आगे बढ़़ रहे थे।
आप की पंजाब इकाई के प्रमुख भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री के फार्महाउस की ओर जाने वाली सड़क पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और बहुस्तरीय बैरिकेड लगाए गए थे।
आप पार्टी के झंडे लिये कार्यकर्ता जैसे ही बैरिकेड के पहले स्तर से आगे बढ़े और दूसरे स्तर तक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों की पगड़ी निकल गई। पुलिस ने मान और विधायकों हरपाल सिंह चीमा और मीत हेयर सहित कई आप नेताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
पंजाब अभूतपूर्व बिजली की कमी से जूझ रहा है और चिलचिलाती गर्मी के बीच शहरी और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक बिजली की कटौती हो रही है।
पंजाब सरकार ने राज्य सरकार के कार्यालयों के समय में कटौती करने और उच्च ऊर्जा खपत वाले उद्योगों को बिजली की आपूर्ति कम करने का पहले ही आदेश जारी कर दिया है।
अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार उपभोक्ताओं, विशेषकर धान की खेती करने वाले किसानों को फसल बोने के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं करा पाने पर विपक्ष के निशाने पर हैं। इससे पहले आप नेताओं ने लोगों को सस्ती दरों पर 24 घंटे बिजली मुहैया कराने में 'विफल' रहने के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना की थी।
मान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पंजाब के 2.75 करोड़ लोगों के "दुख" को मुख्यमंत्री को व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया था कि वह ‘‘अपने फार्महाउस में सो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि पंजाब में 10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली देश में ‘सबसे महंगी’ है।उन्होंने कहा कि बिजली कटौती के कारण लोग इस भीषण गर्मी में सड़क पर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।
संगरूर से सांसद मान ने यह भी कहा कि सिंह को किसानों के मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करना चाहिए और तीनों ‘‘काले कानूनों’’ को निरस्त कराना चाहिए।
किसान पिछले साल बनाए गए केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि निजी बिजली कंपनियां सरकारी खजाने को लूट रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह ने न तो अपने चुनावी वादों को पूरा किया और न ही ‘‘माफिया’’ शासन को समाप्त किया।
उन्होंने कहा, ‘‘आज भी पंजाब के लोग महंगी रेत, बजरी, बिजली, पेट्रोल और डीजल के कारण पीड़ित हैं।’’ उपनेता प्रतिपक्ष सरवजीत कौर मानुके, विधायकों प्रिंसिपल बुधराम, बलजिंदर कौर, कुलवंत सिंह पंडोरी, रूपिंदर कौर रूबी, बलदेव सिंह, मनजीत सिंह बिलासपुर, पार्टी के प्रदेश महासचिव हरचंद सिंह बरसात ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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