देश की खबरें | पुलिस ने करोड़ों के 10,350 मोबाइल फोन जब्त किये, तीन बदमाश गिरफ्तार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

देवास (मध्यप्रदेश), 30 सितंबर मध्यप्रदेश की देवास पुलिस ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 15 करोड़ रुपये के 10,350 मोबाइल एवं एक करोड़ रुपये के नौ वाहन जब्त कर हाइवे पर मोबाइल डकैती करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है।

देवास जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. शिव दयाल सिंह ने मंगलवार शाम को यहां संवाददाताओं को बताया कि देवास जिले के टोंकखुर्द में इस साल 27 जुलाई एवं 21 जुलाई को क्रमश: चार लाख रुपये एवं 37 लाख रुपये के चोरी के सामान के मामले में दर्ज प्रकरणों की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया था।

यह भी पढ़े | Babri Masjid Demolition Verdict: परामर्श के बाद कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर निर्णय लेगी CBI.

उन्होंने कहा कि इस टीम ने सायबर, सीसीटीवी एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर पुणे, मुंबई, इंदौर एवं भोपाल सहित देश के विभिन्न शहरों में छापे मारे और आंध्रपदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से अंतरराज्यीय हाइवे डकैती गिरोह का पर्दाफाश किया।

सिंह ने कहा कि हमने वारदात को अंजाम देने वाले राम गाडे (26), अंकित झाझा (25) एवं रोहित झाला (25) को हाल ही में गिरफ्तार किया है, जबकि नौ अन्य नामजद बदमाशों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे गिरोह के पीछे मुख्य रूप से गाडे का दिमाग काम करता था।

यह भी पढ़े | Babri Masjid Demolition Verdict: रणदीप सिंह सुरजेवाला बोले-विशेष अदालत का निर्णय साफ तौर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रतिकूल.

उन्होंने कहा कि राम गाडे सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वह महाराष्ट्र के बीड का रहने वाला है। उसे बीड से गिरफ्तार किया गया, जबकि बाकी दोनों आरोपी देवास जिले के रहने वाले है और कंजर जाति के हैं। इन दोनों को देवास जिले से गिरफ्तार किया गया।

सिंह ने बताया कि इन तीनों पर देवास जिले के टोकखुर्द एवं हाटपीपल्या पुलिस थानों सहित देश के अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं।

उन्होंने कहा कि इस गिरोह का मुख्य सरगना राम गाडे है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के कारण वह मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलने में माहिर है। उसने इंदौर एवं मुंबई शहरों में अपना कारोबार संचालित कर रखा है, जहां पर मोबाइल में आईएमईआई नंबर बदलकर अंतरराज्यीय बाजार में आपूर्ति करता है।

सिंह ने बताया कि इनके पास से चीनी कंपनी के एमआई मोबाइल फोन 7,663 नग (अनुमानित कीमत 9.85 करोड़ रूपये), अन्य कंपनी मोबाइल फोन 2,687 नग (अनुमानित कीमत 4.98 करोड रूपये), नौ वाहन (अनुमानित कीमत एक करोड़ रूपये) जब्त किये गये हैं। इस प्रकार इनसे कुल 16 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया गया है।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर और देवास जिले के आगरा रोड हाईवे पर मोबाइल लूट की घटनाएं हुई थीं, जिन्हें लेकर आंध्र प्रदेश की पुलिस करीब एक महीने पहले देवास आई थी। देवास के कंजरों का इन वारदातों में हाथ होने का सुराग लगा था।

सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर और देवास पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया और देवास जिले के टोंकखुर्द तथा धानी घाटी कंजर डेरों पर लगातार दबिश दी गई।

उन्होंने कहा कि करीब एक महीने की मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर मुंबई, पुणे, इंदौर और भोपाल से 15 करोड़ रुपए के मोबाइल बरामद किए हैं।

सिंह ने बताया कि इस गिरोह के तार देश के बड़े शहरों सहित नेपाल और बांग्लादेश में भी जुड़े हैं। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में और भी कई खुलासे होने की उम्मीद जताई गई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)