देश की खबरें | पीएमएलए मामला: ईडी ने राउत जमानत अर्जी पर दलील पूरी की

मुंबई, 17 अक्टूबर प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में पात्रा चॉल पुनर्विकास से संबंधित धनशोधन मामले में शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत की जमानत याचिका पर अपनी दलीलें सोमवार को पूरी की।

राउत को सोमवार को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे के समक्ष पेश किया गया। उनकी जेल की हिरासत मंगलवार तक बढ़ा दी गई, जब उनकी जमानत अर्जी पर आगे की सुनवाई होगी।

राउत को उत्तरी मुंबई के गोरेगांव में पात्रा चॉल के पुनर्विकास में अनियमितताओं से संबंधित धनशोधन मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए जुलाई में गिरफ्तार किया गया था। राउत ने पिछले महीने विशेष धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत से जमानत मांगी थी।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने राउत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संजय राउत और उनके सहयोगी एवं मामले के सह-आरोपी प्रवीण राउत को अपराध से अर्जित और भी धन प्राप्त हुआ होगा।

सिंह ने ईडी के इस दावे को भी दोहराया कि संजय राउत, प्रवीण राउत के जरिए पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे। ईडी ने अदालत को बताया कि शिवसेना सांसद ने न केवल जांच एजेंसी को गुमराह किया, बल्कि दोष दूसरों पर भी डाला है।

एएसजी ने एक गवाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि संजय राउत ने पूरी परियोजना में सक्रिय रुचि ली।

ईडी की जांच गोरेगांव के पात्रा चॉल के पुनर्विकास में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जिसे सिद्धार्थ नगर के नाम से भी जाना जाता है और 47 एकड़ में फैला हुआ है और उसमें 672 किरायेदार परिवार रहते हैं।

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