नयी दिल्ली, पांच जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण वैश्विक पर्यावरण संकट बन गया है जिससे धरती को खतरा है।
उन्होंने कहा कि एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर निर्भरता से महासागरों, भूमि और स्वास्थ्य को भारी नुकसान हुआ है तथा इस चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और व्यक्तिगत जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
न्यायमूर्ति गोयल ने कहा, "हमें जागरूकता बढ़ाने, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक की खपत को कम करने, पुनर्चक्रण और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने, टिकाऊ विकल्पों के लिए नवाचार का समर्थन करने के साथ ही मजबूत नीतियां एवं नियम लागू करने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि एनजीटी ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को लागू करने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एनजीटी अध्यक्ष ने कहा, " और काम करने की जरूरत है, और व्यक्तियों एवं समुदायों के रूप में, हमें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए अपने पर्यावरण की रक्षा करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।"
राष्ट्रीय हरित अधिकरण परिसर में सोमवार को पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी, रजिस्ट्रार जनरल अंकित सिंगला और उप-रजिस्ट्रार अरविंद कुमार भी मौजूद थे।
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