देश की खबरें | वकीलों के लिए ई-फाइलिंग पर ‘लाइव डेमो’ की योजना : कानून मंत्रालय के अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस संबंधित प्रतिबंध हट जाने और अदालतों में सामान्य कामकाज फिर से शुरू होने के बाद शिकायतें, समन और भुगतान की ई-फाइलिंग की खातिर वकीलों और कानूनी समुदाय को लाइव प्रदर्शनों (डेमो) के माध्यम से प्रशिक्षण मुहैया कराने की योजना बनायी गयी है।
नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर कोरोना वायरस संबंधित प्रतिबंध हट जाने और अदालतों में सामान्य कामकाज फिर से शुरू होने के बाद शिकायतें, समन और भुगतान की ई-फाइलिंग की खातिर वकीलों और कानूनी समुदाय को लाइव प्रदर्शनों (डेमो) के माध्यम से प्रशिक्षण मुहैया कराने की योजना बनायी गयी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने उच्चतम न्यायालय की ई-कमेटी के साथ मिलकर इस तरह के लाइव प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनायी है।
न्याय विभाग में संयुक्त सचिव जी आर राघवेंद्र ने कहा कि ई-फाइलिंग वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए गए हैं और इसकी नियमावली डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। लेकिन हर कोई तकनीकी रूप से दक्ष नहीं होता। इसलिए अदालतों में लाइव प्रदर्शन जल्द ही शुरू किए जाएंगे।
यह भी पढ़े | COVID-19: अमेरिका में इंसानों से जानवरों तक पहुंचा कारोना वायरस, अब तक 10000 Minks की मौत.
वह भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत की योजना व्यापार करने में सुगमता संबंधी विश्व बैंक की सूची में अपनी रैंकिंग में और सुधार लाने की तथा शीर्ष 50 देशों में शामिल होने की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनुबंधों का प्रवर्तन एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
भारत का स्थान 2016 में 178वां था जो 2020 में सुधरक 163 वां हो गया है।
एसोचैम ने एक बयान में उनके हवाले से कहा, ‘‘बहुत कुछ किया गया है, लेकिन उसका प्रभाव महसूस नहीं हो सका है।’’
उन्होंने कहा कि भारत में जिला वाणिज्यिक अदालत में वाणिज्यिक विवाद के समाधान में 1,445 दिन लगते हैं जो दक्षिण एशियाई औसत 1,101 दिनों से भी खराब है। उच्च आय वाले कई देशों में यह सिर्फ 557 दिन है जबकि सिंगापुर और न्यूजीलैंड में यह महज 164 दिन है।
उन्होंने कहा कि भारत में किसी विवाद में कानूनी खर्च भी अधिक है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)