देश की खबरें | ‘पिंजरा तोड़’ की कार्यकर्ता हमदर्दी बटोरने के लिए चला रही है अभियान : पुलिस ने अदालत से कहा

नयी दिल्ली, सात जुलाई दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शन और राष्ट्रीय राजधानी में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ की एक महिला सदस्य सोशल मीडिया के जरिए अपने पक्ष में हमदर्दी बटोरने और जनमत बनाने के लिए अभियान चला रही हैं।

पुलिस ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलीता की ओर से दाखिल याचिका के जवाब में एक हलफनामा दाखिल किया है। कलीता ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी उसके खिलाफ आरोपों को लेकर एकत्र सबूतों के बारे में कुछ सूचनाओं को चुन-चुन कर जारी कर रही है।

यह भी पढ़े | कोविड-19 के लद्दाख में 36 नए मामले पाए गए, 24 हुए ठीक: 7 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उच्च न्यायालय ने पूर्व में याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। एक अंतरिम आदेश भी जारी कर मामले में किसी तीसरे पक्ष को सूचना जारी करने पर रोक लगा दी गयी थी।

नोटिस पर जवाब देते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया , ‘‘याचिकाकर्ता (कलीता) खुद दंगा में शामिल एक खास समुदाय के खिलाफ राज्य प्रायोजित दमन के बारे में सोशल मीडिया पर मिथ्या धारणा बनाने की दोषी हैं। एक समुदाय के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध, राज्य प्रायोजित दमन के बारे में वह गलत धारणा बना रही हैं । ’’

यह भी पढ़े | जानिए क्या है IPPB मोबाइल बैंकिंग ऐप और कैसे कर सकते हैं प्रयोग?.

पुलिस ने कलीता के खिलाफ मामले के बारे में दो जून को जारी प्रेस नोट के संबंध में स्थितियों का भी विवरण दिया और कहा कि जिस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसके मद्देनजर पुलिस सही परिप्रेक्ष्य में चीजों को सामने रखना चाहती थी।

पुलिस ने कहा कि याचिकाकर्ता कलीता और उनके समूह की सोशल मीडिया पर अच्छी खासी मौजूदगी है और वह अपने पक्ष में सहानुभूति बटोर कर और जनमत बनाकर जांच को लगातार प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं ।

इसमें दलील दी गयी, ‘‘इस संबंध में पिंजरा तोड़ समूह के सदस्य और इस समूह से जुड़े अन्य संगठनों के लोग सुनियोजित तरीके से मौजूदा याचिकाकर्ता तथा गिरफ्तार अन्य सदस्यों के पक्ष में सहानुभूति बनाने का काम कर रहे हैं । ’’

मामले में आगे नौ जुलाई को सुनवाई होगी ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)