देश की खबरें | न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के शपथ समारोह को रोकने के लिए उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायलय की लखनऊ पीठ में बुधवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को शपथ दिलाने से रोकने का निर्देश देने की अपील की गई है। अदालत के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

लखनऊ, दो अप्रैल इलाहाबाद उच्च न्यायलय की लखनऊ पीठ में बुधवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को शपथ दिलाने से रोकने का निर्देश देने की अपील की गई है। अदालत के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

न्यायमूर्ति वर्मा को हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया गया था।

राष्ट्रीय राजधानी के लुटियंस क्षेत्र में न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास में 14 मार्च को आग लगने के बाद नकदी की जली हुई गड्डियां मिली थीं।

विकास चतुर्वेदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर चार अप्रैल को सुनवाई होने की उम्मीद है।

चतुर्वेदी का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता अशोक पांडे ने तर्क दिया कि चूंकि भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने कथित तौर पर "इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वह नकदी मामले की जांच के दौरान न्यायमूर्ति वर्मा को कोई न्यायिक कार्य न सौंपें, इसलिए शपथ समारोह का कोई औचित्य नहीं है।"

याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार की 28 मार्च, 2025 की अधिसूचना को भी चुनौती दी है, जिसमें न्यायमूर्ति वर्मा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकार किया गया था।

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