देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय में अंतरलैंगिक मसाज पर रोक के खिलाफ याचिका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह 20 सितंबर को उस याचिका पर सुनवाई कर करेगी जिसमें दिल्ली सरकार के स्पा में अंतरलैंगिक मसाज (पुरुष द्वारा महिला का और महिला द्वारा पुरुष का) पर रोक लगाने संबंधी दिशानिर्देश को चुनौती दी गई है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या इन आधारों पर स्पा के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

नयी दिल्ली, छह सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह 20 सितंबर को उस याचिका पर सुनवाई कर करेगी जिसमें दिल्ली सरकार के स्पा में अंतरलैंगिक मसाज (पुरुष द्वारा महिला का और महिला द्वारा पुरुष का) पर रोक लगाने संबंधी दिशानिर्देश को चुनौती दी गई है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या इन आधारों पर स्पा के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने मौखिक टिप्पणी की कि पाबंदी सरकार का नीतिगत फैसला है। उन्होंने याचिकाकर्ता- एसोसिएशन ऑफ वेलनेस आयुर्वेद ऐंड स्पा- से कहा कि वह पूरक हलफनामा दाखिल कर अपने सदस्यों की सूची और अधिकारियों द्वारा इन दिशानिर्देशों के आधार पर की गई कार्रवाई की जानकारी दे।

न्यायमूर्ति पल्ली ने कहा,‘‘इस समय मैं नोटिस नहीं जारी कर रही हूं। कृपया दस्तावेज जमा कराएं।’’

दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि अंतर लैंगिक मसाज पर रोक लगाने संबंधी दिशानिर्देश उप राज्यपाल द्वारा गठित कार्यबल ने तैयार किया है और यह स्वास्थ्य कारोबार लाइसेंस देने से संबंध है। अब तक इस कानून को अधिसूचित नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ इसे (दिशानिर्देश) अभी कानूनी रूप दिया जाना है। यह मात्र एक आंतरिक दस्तावेज है। इसे अभी लागू नहीं किया जा रहा है।’’

स्पा के कामकाज को लेकर दिल्ली महिला आयोग से मिले मामले के आधार पर उपराज्यपाल ने इस कार्यबल का गठन किया था।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया है कि इन दिशा निर्देशों के आधार पर दो स्पा बंद किये जा चुके हैं और अन्य स्पा को अधिकारियों से धमकी मिल रही है। ये दिशा निर्देश अभी सार्वजनिक नहीं किये गए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\