हजारों जरूरतमंद लोगों को राशन दिलाने के अनुरोध वाली याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल
कानून की तीसरे वर्ष की छात्रा शबनम ने याचिका दायर कर कहा कि दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि एक सामान्य फॉर्म ऑनलाइन भरकर ई-कूपन प्राप्त किया जा सकता है।
नयी दिल्ली, 19 मई दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में हजारों जरूरतमंद लोगों को जनवितरण प्रणाली के तहत राशन नहीं मिल रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार की तरफ से जारी ई-कूपन उनके पास मौजूद हैं।
कानून की तीसरे वर्ष की छात्रा शबनम ने याचिका दायर कर कहा कि दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि एक सामान्य फॉर्म ऑनलाइन भरकर ई-कूपन प्राप्त किया जा सकता है।
याचिका में बताया गया कि फॉर्म साधारण नहीं है और ई-कूपन के आवेदन वाली वेबसाइट क्रैश कर गया है।
इसमें कहा गया है, ‘‘जब भी वेबसाइट खोला जाता है तो इस पर हमेशा एक संदेश दिखता है, ‘सर्वर पर काफी लोड है, कृपया कुछ समय बाद देखें।’ बहरहाल, अधिकतर गरीब लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते हैं क्योंकि अधिकतर के पास स्मार्टफोन नहीं है और लॉकडाउन के दौरान साइबर कैफे खुले हुए नहीं हैं।’’
याचिकाकर्ता ने वकील कीर्ति कुमारी के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया कि उन्होंने पीडीएस दुकानों से ऐसे गरीबों के आंकड़े संग्रहित किए जिनके पास ई-कूपन होने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया और एक सूची तैयार की जिसे उपराज्यपाल के कार्यालय और दिल्ली सरकार के अधिकारियों को भेजा गया।
याचिका में दावा किया गया कि अधिकारियों ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
याचिका में दिल्ली सरकार को यह भी निर्देश देने की मांग की गई कि राशन और जनवितरण प्रणाली की दुकानों में पर्याप्त भंडार हो।
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