जरुरी जानकारी | बैंकों के कई शुल्क लगाने से लोग नहीं कर रहे ‘ज़ीरो बैलेंस’ खातों का इस्तेमालः नीलेकणि

मुंबई, 12 सितंबर दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि लोग बैंकों की तरफ से लगाए जाने वाले कई तरह के शुल्कों की वजह से ‘जीरो बैलेंस’ बैंक खातों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।

नीलेकणि ने इस समस्या को 'समाधान के लायक' बताते हुए कहा कि इसका समाधान निकालना इसलिए भी जरूरी है कि दूसरे देश इसका अनुकरण कर सकते हैं।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में सरकार और बैंकों के आक्रामक अभियानों की वजह से देश की आबादी के एक बड़े हिस्से के खाते बैंकों में खुले हैं। लेकिन न्यूनतम राशि की अनिवार्यता से मुक्त इन बैंक खातों का लेनदेन के लिए इस्तेमाल अधिक नहीं हो रहा है।

नीलेकणि ने यहां ग्लोबल एसएमई फाइनेंस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक खातों में राशि जमा होने के बावजूद लोग लेनदेन नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह बैंकों की तरफ से लेनदेन पर शुल्कों की वसूली है।

आधार कार्ड परियोजना के सूत्रधार रहे नीलेकणि ने कहा, ‘‘कई स्थानों पर इन बुनियादी बैंक खातों का परिचालन आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं पाया जा रहा है। इन खातों पर कई तरह के शुल्क लगा दिए गए हैं। ऐसे में लोगों ने इन खातों का इस्तेमाल करना ही बंद कर दिया है।’’

हालांकि, उन्होंने कहा कि बैंकों के परिचालन से जुड़ी इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

प्रेम

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)