देश की खबरें | पटनायक ने झारसुगुड़ा के विस्थापित 2,000 परिवारों को आवास के लिए जमीन देने की घोषणा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को घोषणा की कि लगभग 60 साल पहले महानदी नदी पर हीराकुंड बांध के निर्माण के दौरान विस्थापित हुए झारसुगुड़ा जिले के करीब 2,000 परिवारों को राज्य सरकार द्वारा आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
भुवनेश्वर, 15 नवंबर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को घोषणा की कि लगभग 60 साल पहले महानदी नदी पर हीराकुंड बांध के निर्माण के दौरान विस्थापित हुए झारसुगुड़ा जिले के करीब 2,000 परिवारों को राज्य सरकार द्वारा आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
पटनायक ने यह घोषणा झारसुगुडा जिले में बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) के तहत स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड के वितरण की शुरुआत करते हुए की। इस स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड से जिले के लगभग 1.15 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इससे पहले हीराकुंड बांध के निर्माण से विस्थापित लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए की गई कार्रवाई पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किया था।
ओडिशा के राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी), उत्तरी डिवीजन ने एनएचआरसी को दिए गए अपने जवाब में कहा था कि 1952-53 में हीराकुंड बांध परियोजना के लिए झारसुगुडा, संबलपुर, बारगढ़ और सुबर्णापुर जिलों के लोगों से जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
आरडीसी ने बताया था कि अनुग्रह राशि के भुगतान, आवास के लिए जमीन, कृषि भूमि के बंदोबस्त और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों को सुलझा लिया गया था और पुनर्वास का कोई भी मामला लंबित नहीं था।
हालांकि, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया था कि समाज के कुछ सेवा समूहों को पूरा मुआवजा नहीं दिया गया था और उनका पुनर्वास किया जाना बाकी था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हीराकुंड बांध के निर्माण के कारण कुल 73,923 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई थी। इसमें 49,920 हेक्टेयर कृषि भूमि और 24,003 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल है। बांध के निर्माण के लिए लगभग 18 हजार परिवारों को विस्थापित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने झारसुगुडा जिले के लोगों के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं की भी घोषणा की।
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