देश की खबरें | संसद भवन: ‘बहिष्कार गैंग’ अपने ही नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का कर रहा अपमान-पुरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन किए जाने पर आपत्ति जताने के लिए कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘बहिष्कार गिरोह’ अपने ही नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का अपमान कर रहा है।
नयी दिल्ली, 26 मई केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन किए जाने पर आपत्ति जताने के लिए कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘बहिष्कार गिरोह’ अपने ही नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का अपमान कर रहा है।
पुरी ने सिलसिलेवार ट्वीट में टाइम पत्रिका में 1947 में प्रकाशित एक पुराने लेख का हवाला दिया और कहा कि यह उन लोगों को जरूर पढ़ना चाहिए, जो चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के बजाय शानदार नए संसद भवन का निर्माण उन्होंने किया होता।
लेख का हवाला देते हुए पुरी ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर हिंदू (रीति-रिवाजों और परंपराओं) का स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है। वे अब जिस सेंगोल का अपमान कर रहे हैं, वह तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू द्वारा हिंदू रीति-रिवाजों के साथ प्राप्त किया गया था। अब पाखंड पूरी तरह से प्रदर्शित हो रहा है- इसे अलग-अलग रंगों में रंगने की कोशिश की जा रही है- इसके पीछे की मंशा सामने आ रही है, मगरमच्छ के आंसू बह रहे हैं!’’
एक अन्य ट्वीट में मंत्री ने कहा कि उस महत्वपूर्ण दिन पर हवन किया गया, रेशम और सोने से बने पिताम्बरम को आदिनम (महंत) के प्रतिनिधि द्वारा प्रधानमंत्री (नेहरू) के चारों ओर लपेटा गया... सेंगोल को एक विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। नटराज मंदिर में उस सुबह पूजा की गई थी और प्रसाद के रूप में वहां से पायसम लाया गया था।
पुरी ने कहा कि यह लेख आलोचकों को आईना दिखाता है और ‘बहिष्कार गिरोह’ वास्तव में अपने ही नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का अपमान कर रहा है।
नए संसद भवन का उद्घाटन समारोह रविवार को सुबह हवन और सर्व-धर्म प्रार्थना सभा के साथ शुरू होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा कक्ष में औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
रविवार को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में 25 दलों के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि 20 विपक्षी दलों ने कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
विपक्ष ने नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर अपना हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि ‘एक आदमी के अहंकार और स्व-प्रचार की इच्छा’ ने पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति को परिसर का उद्घाटन करने के लिए उनके संवैधानिक विशेषाधिकार से वंचित कर दिया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों ने उद्घाटन का बहिष्कार करने का फैसला सिर्फ इसलिए किया है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर बनाया गया है।
भाजपा ने विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे 'बड़ा दिल' दिखाकर इसके उद्घाटन के 'ऐतिहासिक दिन' में शामिल हों।
ब्रजेन्द्र
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)