विदेश की खबरें | फलस्तीन समर्थक समूह ने खुद पर प्रतिबंध लगाने के ब्रिटेन सरकार के फैसले पर रोक की अपील की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ‘पैलेस्टाइन एक्शन’ के कार्यकर्ताओं ने पिछले महीने एक सैन्य अड्डे में घुसकर दो विमानों में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद ब्रिटेन सरकार ने समूह पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

‘पैलेस्टाइन एक्शन’ के कार्यकर्ताओं ने पिछले महीने एक सैन्य अड्डे में घुसकर दो विमानों में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद ब्रिटेन सरकार ने समूह पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

प्रतिबंध को इस सप्ताह की शुरुआत में संसद से मंजूरी मिल गई थी, जिसके बाद इसे मध्यरात्रि से लागू करने की योजना है।

प्रतिबंध के बाद समूह की सदस्यता और इसके कार्यों का समर्थन करना एक अपराध हो जाएगा, जिसके लिए 14 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

समूह के सह-संस्थापक हुदा अमोरी की ओर से पेश वकील रजा हुसान ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कभी भी किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं उकसाया।

वकील ने कहा, “हम आपसे इस प्रतिबंध पर 21 जुलाई तक रोक लगाने की अपील करते हैं। हमारा मानना है कि वैधानिक शक्ति का गलत, भेदभावपूर्ण और सत्तावादी तरीके से दुरुपयोग करते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है। यह सामान्य कानून की मूल परंपरा से अलग है और मानवाधिकार अधिनियम के विपरीत है।”

न्यायमूर्ति मार्टिन चैम्बरलेन शुक्रवार को इस पर फैसला सुना सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि गाजा में इजराइल के हमलों को ब्रिटेन सरकार की ओर से समर्थन दिए जाने के खिलाफ पिछले महीने फलस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं ने ब्राइज नॉर्टन में रॉयल एयर फोर्स के अड्डे में घुसकर दो विमानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

पुलिस ने कहा कि इस घटना से 94 लाख अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

घटना के कुछ दिन बाद गृह मंत्री यवेट कूपर ने ‘पैलेस्टाइन एक्शन’ को आतंकवादी संगठन घोषित करने की योजना का ऐलान किया था।

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