विदेश की खबरें | पाकिस्तानी अदालत ने एफआईए को अमेरिकी ब्लॉगर सिंथिया रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान की एक अदालत ने देश की शीर्ष जांच एजेंसी को अमेरिकी ब्लॉगर सिंथिया डी रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। मीडिया में आई खबरों में सोमवार को बताया गया कि पाकिस्तान में रह रही अमेरिकी ब्लॉगर पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो की छवि को धूमिल करने का आरोप है।

इस्लामाबाद, 15 जून पाकिस्तान की एक अदालत ने देश की शीर्ष जांच एजेंसी को अमेरिकी ब्लॉगर सिंथिया डी रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। मीडिया में आई खबरों में सोमवार को बताया गया कि पाकिस्तान में रह रही अमेरिकी ब्लॉगर पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो की छवि को धूमिल करने का आरोप है।

जियो न्यूज की खबर के मुताबिक इस्लामाबाद जिला एवं सत्र अदालत द्वारा संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को यह निर्देश शहर की पुलिस द्वारा पिछले हफ्ते रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने से इंकार करने पर दिया गया। खबर के मुताबिक पुलिस ने दलील दी थी कि यह मामला साइबर अपराध का है और सिर्फ एफआईए ही इसकी जांच करने के लिये अधिकृत है।

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खबर में कहा गया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जहांगीर अवान ने एफआईए को अमेरिकी ब्लॉगर रिची के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता वकास अहमद अब्बासी ने पिछले हफ्ते रिची के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कर आरोप लगाया था कि वह सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो की छवि धूमिल कर रही हैं।

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इस्लामाबाद पुलिस ने लेकिन कहा कि इस मामले की जांच एफआईए द्वारा किये जाने की जरूरत है।

बाद में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के इस्लामाबाद के अध्यक्ष शकील अब्बासी ने एफआईए से रिची के खिलाफ शिकायत को लेकर संपर्क किया और उन पर भुट्टो के खिलाफ निंदनीय ट्वीट करने का आरोप लगाया। एफआईए ने हालांकि कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।

एफआईए ने नौ जून को इस्लामाबाद सत्र अदालत से रिची के खिलाफ याचिका को खारिज करने की बात कही क्योंकि शकील अब्बासी प्रभावित पक्ष नहीं हैं।

पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, रिची ने आरोप लगाया कि बेनजीर ने पाकिस्तान में दुष्कर्म की संस्कृति को मंजूरी दी।

अदालत में दी गई अपनी लिखित प्रतिक्रिया में एफआईए ने दलील दी कि उसके नियमों के मुताबिक सिर्फ पीड़ित पक्ष, लक्षित पीड़ित या उनके अभिभावक ही एजेंसी के समक्ष ऐसी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

खबर में कहा गया कि दूसरी तरफ याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि जिस तरह के ट्वीट किये गए उससे पीपीपी पीड़ित पक्ष है।

इस पर अदालत ने कहा कि दिवंगत बेनजीर भुट्टो के वारिस शिकायत क्यों नहीं दर्ज करा रहे।

रिची ने पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक समेत पीपीपी के वरिष्ठ नेताओं पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

गिलानी ने 10 जून को रिची को कानूनी नोटिस भेज 10 करोड़ रुपये का मुआवजा और माफी की मांग की है।

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