देश की खबरें | पहलगाम हमला: वडेट्टीवार के ‘आतंकियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता' वाले बयान पर बावनकुले का हमला

मुंबई, 28 अप्रैल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार पर निशाना साधा।

वडेट्टीवार ने एक बयान में कहा था कि आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, जिसकी बावनकुले ने आलोचना की।

वडेट्टीवार ने यह बयान 22 अप्रैल को पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि में दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता के बयान ने उन परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है, जिन्होंने इस भयावह हमले में अपने प्रियजनों को खोया है। कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

मीडिया से बातचीत में प्रत्यक्षदर्शियों और जीवित बचे लोगों ने दावा किया कि आतंकवादियों ने गैर-मुसलमानों को निशाना बनाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के रिश्तेदारों ने साफ-साफ बताया कि क्या हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वडेट्टीवार उस समय घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे।

फडणवीस ने कहा, “इस तरह के बयान रिश्तेदारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह बहुत बुरा है। मुझे नहीं पता कि इसे मूर्खता कहा जाए या नहीं।”

बावनकुले ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में वडेट्टीवार के बयान को ‘असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा’ करार दिया और कहा कि यह ‘राष्ट्र-विरोधी मानसिकता’ को दर्शाता है। बावनकुले ने सवाल किया, “बार-बार साबित हो चुका है कि कश्मीर में हिंदुओं को निशाना बनाया जाता है, तो यह विजय वडेट्टीवार किस दुनिया में रह रहे हैं? यह दावा करके कि आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, वडेट्टीवार किसे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं?”

उन्होंने कहा, “अपने बयान के माध्यम से विजय वडेट्टीवार आतंकवादियों को बचाने और उन्हें संरक्षण प्रदान करने का घृणित प्रयास कर रहे हैं। यह न केवल गैर जिम्मेदाराना है बल्कि यह राष्ट्र विरोधी मानसिकता का स्पष्ट उदाहरण है।”

भाजपा नेता ने कहा कि देश से प्यार करने वाले हर भारतीय को इस तरह की टिप्पणियों की निंदा करनी चाहिए।

बावनकुले ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी देशभक्त नागरिकों के घावों पर नमक छिड़क रही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने चेतावनी दी कि लोग इसे नहीं भूलेंगे।

वडेट्टीवार ने दिन में पत्रकारों से कहा था, “हमें बताया जा रहा है कि आतंकवादियों ने पहले धर्म पूछा और फिर लोगों को मार डाला। क्या आतंकवादियों के पास इतना समय भी है कि वे किसी के पास जाकर कान में फुसफुसाएं? यह बेहद विवादास्पद है, क्योंकि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि ऐसी चीजें हुई हैं जबकि अन्य इससे मना कर रहे हैं। आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता।”

उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमले और उसके पीछे के कारणों के मूल मुद्दे से ध्यान भटकाना गलत है।

वडेट्टीवार ने कहा, “हमारा मानना ​​है कि इस तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सरकार को पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वडेट्टीवार ने कहा, “वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी? क्या कोई खुफिया विफलता नहीं थी? क्या यह सरकार की विफलता नहीं है? कोई भी इस बारे में बात नहीं करता।”

हालांकि, बाद में कांग्रेस नेता ने स्पष्टीकरण जारी किया।

वडेट्टीवार ने कहा, “आतंकवादी आए और उन्होंने हमारे लोगों को मार डाला। अगर उन्होंने लोगों को मारने से पहले धर्म पूछा तो उन्होंने देश को अस्थिर करने के उद्देश्य से ऐसा किया है। उनका उद्देश्य भारत में दो प्रमुख समुदायों के बीच लड़ाई शुरू करना और अंततः बड़ा नुकसान पहुंचाना है। कलमा पढ़ने पर आतंकवादियों का जोर वास्तव में भारत को नुकसान पहुंचाने की पाकिस्तान की रणनीति है। किसी को भी देश को अस्थिर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”

शिवसेना के राज्यसभा सदस्य मिलिंद देवड़ा ने भी कांग्रेस नेता पर हमला बोला।

देवड़ा ने कहा कि जब पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा भारतीयों की हत्या की जाती है तो वडेट्टीवार की पहली प्रवृत्ति पाकिस्तान का बचाव करने की होती है, ‘‘ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने दावा किया था कि 26 नवंबर 2008 के दौरान हेमंत करकरे की मौत पाकिस्तानी गोलियों से नहीं हुई थी’’।

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